ईरान और इजराइल के बीच चल रहे तनाव का असर भारत पर भी देखा जा रहा है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) ने प्रीमियम ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 149 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यह भारत का पहला 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल है, जिसे उच्च श्रेणी की लग्जरी कारों और सुपरबाइक्स के बेहतर इंजन प्रदर्शन के लिए तैयार किया गया है। दूसरी तरफ, एक्स्ट्रा ग्रीन (प्रीमियम डीजल) 91.49 रुपये के बजाय 92.99 रुपये में बेचा जाएगा।
पहले भी बढ़ चुके हैं दाम
तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह फैसला लिया है। सरकार कीमतों को नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रही है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से पेट्रोलियम कंपनियों की मुश्किलें और बढ़ रही हैं। इससे पहले 20 मार्च को सरकारी तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 से 2.35 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।
आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ
इस फैसले से आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। खासकर परिवहन, लॉजिस्टिक्स और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों पर। सामान्य डीजल की तुलना में प्रीमियम डीजल बेहतर माइलेज और इंजन परफॉर्मेंस देता है, इसलिए कई लोग अपनी गाड़ियों को बेहतर बनाए रखने के लिए प्रीमियम फ्यूल ही इस्तेमाल करते हैं. लेकिन बढ़ी हुई कीमत से इसका इस्तेमाल सीमित हो सकता है।
व्यावसायिक सिलेंडर की भी बढ़ गई कीमत
दूसरी तरफ इंडियन ऑयल ने आज व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। मध्य पूर्व में युद्ध शुरू होने के बाद से 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत में 300 रुपये से अधिक की वृद्धि हुई है। 1 मार्च को 1,768.50 रुपये से बढ़कर 1 अप्रैल को 2,078.50 रुपये हो गई है। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में यह वृद्धि 1 मार्च के बाद तीसरी और 1 जनवरी के बाद 5वीं बढ़ोतरी है।
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, यह उछाल मिडिल ईस्ट में जारी इजरायल-ईरान संघर्ष की वजह से आई है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत जैसे देश, जो अपनी करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत आयात से पूरी करते हैं, ऐसे वैश्विक घटनाक्रमों से सीधे प्रभावित होते हैं। फिलहाल कंपनियों ने आम पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है, लेकिन प्रीमियम पेट्रोल में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबाव बढ़ रहा है।

