डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: शिक्षा के अधिकार को धरातल पर उतारने और हर बच्चे को स्कूल की दहलीज तक पहुंचाने के लिए झारखंड सरकार ने कमर कस ली है। जिला समाहरणालय में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष कार्यशाला के साथ ‘स्कूल रुआर 2026’ (Back to School) अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई। यह अभियान 09 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक पूरे जिले में मिशन मोड में चलाया जाएगा।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले होंगे सम्मानित
उपायुक्त ने इस अभियान को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति जिले में सबसे ज्यादा ड्रॉप आउट (स्कूली शिक्षा छोड़ चुके) बच्चों का पुन: नामांकन कराएगा, उसे जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
अभियान के मुख्य लक्ष्य: एक नज़र में
’स्कूल रुआर 2026′ का मुख्य फोकस 5 से 18 वर्ष के बच्चों पर है। इस अभियान के तहत कुछ खास बिंदुओं पर जोर दिया जाएगा।
शत-प्रतिशत नामांकन: 5 से 18 वर्ष के हर बच्चे का स्कूल में दाखिला सुनिश्चित करना।
आंगनबाड़ी से ट्रांजिशन: 5 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों का प्राथमिक स्कूलों में नामांकन।
अगली कक्षा में प्रवेश: कक्षा 1 से 11वीं तक के सभी छात्रों का अगली कक्षा में दाखिला और उनकी उपस्थिति की पुष्टि।
विशेष ध्यान: अनाथ, प्रवासी और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना।
नियमित उपस्थिति: केवल नामांकन ही नहीं, बल्कि बच्चों की स्कूल में नियमित मौजूदगी पर भी विशेष बल दिया जाएगा।
कैसे सफल होगा यह अभियान?
कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों (SDO अर्नव मिश्रा, DEO मनोज कुमार, DSE आशीष पांडेय) को उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
डोर-टू-डोर सर्वे: क्षेत्र स्तर पर टीमें बनाकर घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा ताकि छूटे हुए बच्चों की सूची तैयार हो सके।
अभिभावक संपर्क: जो बच्चे लंबे समय से अनुपस्थित हैं, उनके माता-पिता से संपर्क कर उन्हें शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा।
बीआरपी-सीआरपी की भूमिका: प्रखंड और संकुल स्तर के पदाधिकारियों को व्यक्तिगत जवाबदेही सौंपी गई है।

