डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: मौसम के बदलते मिजाज और कम बारिश की आशंका के बीच झारखंड के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। इस साल खरीफ सीजन में एल-नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए कृषि विभाग ने कमर कस ली है। कम वर्षा की स्थिति में किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने और उन्हें तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए जिले में एक विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। समाहरणालय परिसर से जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने दो डिजिटल कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
11 प्रखंडों के गांवों में घूमेगा डिजिटल रथ
यह अभियान कृषि, पशुपालन व सहकारिता विभाग की एक खास पहल है। इसके तहत रवाना किए गए दो डिजिटल कृषि रथ जिले के सभी 11 प्रखंडों के गांवों का दौरा करेंगे। इन रथों पर लगे डिजिटल माध्यमों से किसानों को सीधे उनकी भाषा में जागरूक किया जाएगा।
क्या है सरकार का कंटीजेंसी प्लान?
उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि कम बारिश की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने एक कंटीजेंसी प्लान तैयार किया है। इस रथ के जरिए किसानों को मुख्य रूप से कई जानकारियां दी जाएंगी।
वैकल्पिक खेती: धान की पारंपरिक खेती के अलावा कम पानी में उगने वाली कौन सी वैकल्पिक फसलें लगाई जा सकती हैं, जिससे किसानों की कमाई प्रभावित न हो।
आधुनिक तकनीक: कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली आधुनिक कृषि तकनीकों की लाइव या वीडियो जानकारी।
सरकारी योजनाएं: कृषि यंत्रीकरण, उन्नत बीजों के वितरण और सिंचाई प्रबंधन से जुड़ी सरकारी सब्सिडी योजनाओं की सीधी जानकारी।
एल-नीनो के खतरे से निपटने की तैयारी
आत्मा और जिला कृषि विभाग की उप परियोजना निदेशक गीता कुमारी ने बताया कि इस वर्ष एल-नीनो के प्रभाव के कारण कम बारिश की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में पारंपरिक खेती के भरोसे रहना नुकसानदेह हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जल व सिंचाई प्रबंधन और उन्नत बीजों के सही उपयोग को लेकर गांव-गांव में व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किसान समय रहते अपनी रणनीति बदल सकें और सूखे जैसी स्थिति का डटकर सामना कर सकें।

