परिवार का जश्न मातम में बदल गया, पिता ने बेटे के छठी कार्यक्रम में ऑर्केस्टा बुलाया था। उसी हादसे में मौत हो गई।

Reena Sharma
3 Min Read

बिहार के पश्चिमी चंपारण में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सड़क किनारे आर्केस्ट्रा देख रहे लोगों को बस ने रौंदा, 5 की मौत; छठी के दिन बेटे ने खोया पिता जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना लौरिया थाना क्षेत्र की है। बेतिया-लौरिया मुख्य मार्ग पर पराउ टोला बनकटवा के समीप तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे चल रहे आर्केस्ट्रा कार्यक्रम में जा घुसी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई।

परिजनों के अनुसार, हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है। मृतकों की पहचान बनकटवा निवासी बहादुर महतो, संजय कुमार, भोला दुबे, देवेंद्र दुबे और छांगुर राम के रूप में बताई जा रही है। हालांकि, स्थानीय पुलिस की ओर से अभी तक मृतकों की संख्या पांच होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर यह है कि मृतकों में देवेंद्र दुबे भी शामिल हैं, जिनके बच्चे का छठियार कार्यक्रम उसी वक्त चल रहा था। जिस घर में बच्चे के आने की खुशी मनाई जा रही थी, वहां देखते ही देखते मातम पसर गया।

हादसे की जानकारी मिलते ही लौरिया थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस के जरिए बेतिया जीएमसीएच भेजा गया। घायलों में विनय कुमार यादव, श्याम बाबू, मोती चंद्र महतो और नरेश राम समेत अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शी और मृतक के भाई जयप्रकाश महतो के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान अचानक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर आर्केस्ट्रा में घुस गई, जिसके बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और कई लोग इसकी चपेट में आ गए।

हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने बस और ट्रक में तोड़फोड़ भी की। स्थिति को देखते हुए नरकटियागंज एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेजने की कार्रवाई की है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। एक तरफ बच्चे के छठियार की खुशियां थीं, दूसरी तरफ सड़क पर मौत का ऐसा मंजर आया कि पूरा गांव मातम में डूब गया। हादसे ने सड़क किनारे आयोजित कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Share This Article