डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: दिवाली और फेस्टिव सीजन से ठीक पहले हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। देश की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो ने एविशन टरबाइन फ्यूल यानी जेट ईंधन की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के बाद अपने फ्यूल चार्ज में इजाफा करने का फैसला किया है। नए और बढ़े हुए शुल्क 6 अक्टूबर 2026 की रात 12:01 बजे के बाद की जाने वाली सभी नई बुकिंग पर लागू होंगे।
घरेलू उड़ानों में कितना महंगा हुआ सफर?
एयरलाइन की जानकारी के मुताबिक घरेलू उड़ानों में दूरी के हिसाब से फ्यूल चार्ज में 375 रुपये से लेकर 1,300 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
500 किमी तक की दूरी: अब 375 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे।
501 किमी से 1,000 किमी: 600 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे।
1,001 से 1,500 किमी: यात्रा 900 रुपये तक महंगी हो जाएगी।
1,501 से 2,000 किमी: सफर के लिए 1,150 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
2,000 किमी से अधिक की लंबी दूरी: इस पर सबसे अधिक 1,300 रुपये तक का चार्ज लगेगा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी भारी भरकम चार्ज
सिर्फ घरेलू ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी यात्रियों को ज्यादा पैसे चुकाने होंगे, जो 1,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक तय किए गए हैं।
एसोसिएशन फॉर रीज़नल कोऑपरेशन – 500 किमी तक: ₹1,000
SAARC – 501 किमी से अधिक: ₹3,000
दक्षिण-पूर्व एशिया, GCC और मिडिल ईस्ट, उत्तर और पूर्वी एशिया: ₹5,500
अफ़्रीका: ₹6,000
यूरोप: ₹10,000 (सबसे ज्यादा)
क्यों बढ़ानी पड़ी कीमतें?
इंडिगो का कहना है कि पिछले एक महीने में ATF की कीमतों में 14% से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे कीमतें पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं। कंपनी का तर्क है कि ईंधन की लागत एयरलाइन के कुल ऑपरेटिंग खर्च का करीब 40% हिस्सा होती है, और कीमतों में इस भारी उतार-चढ़ाव से ऑपरेशनल लागत पर भारी दबाव पड़ा है। हालांकि, एयरलाइन ने यह भी साफ किया है कि अगर पूरी बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डाला जाता, तो दाम और भी अधिक बढ़ाने पड़ते, लेकिन यात्रियों को राहत देने के लिए केवल सीमित और संतुलित बढ़ोतरी ही की गई है।

