सर्दियों की आहट के साथ जम्मू-कश्मीर में बढ़ी आतंकी हरकतें: कुपवाड़ा में 2 आतंकी ढेर, एलओसी से लेकर घाटी तक सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : जैसे-जैसे जम्मू-कश्मीर में सर्दियां नजदीक आ रही हैं, नियंत्रण रेखा पर सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में हुई आतंकी घटनाओं और मुठभेड़ों से साफ हो गया है कि ठंड शुरू होने से पहले सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों में तेजी आ गई है। ताजा मामला कुपवाड़ा जिले का है, जहां शनिवार सुबह सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया। हालांकि, अधिकारी अभी यह स्पष्ट करने में जुटे हैं कि यह कोई सुनियोजित घुसपैठ की कोशिश थी या स्थानीय स्तर पर हुई हलचल।

कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में सुबह-सुबह मुठभेड़
​जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 3:30 बजे कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर के जुमागुंड इलाके में सुरक्षाबलों ने संदिग्ध गतिविधि देखी। जवानों ने जब उन्हें चुनौती दी, तो आतंकियों की ओर से गोलीबारी शुरू हो गई। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकवादी मारे गए। सुरक्षाबलों ने इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रखा है ताकि किसी भी अन्य छिपे हुए खतरे को बेअसर किया जा सके।

सर्दियां आते ही क्यों बढ़ जाती हैं घुसपैठ की साजिशें?
​विशेषज्ञों का मानना है कि हर साल अक्टूबर-नवंबर के महीनों में, जब सर्दियों की शुरुआत होती है और भारी बर्फबारी के कारण पहाड़ी दर्रे बंद होने लगते हैं, आतंकी संगठनों की बेचैनी बढ़ जाती है। दर्रे बंद होने और रास्ते दुर्गम होने से पहले आतंकवादी घाटी में घुसने की फिराक में रहते हैं। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां इस दौरान एलओसी के संवेदनशील हिस्सों पर निगरानी, गश्त और नियंत्रण अभियानों को कई गुना बढ़ा देती हैं ताकि दुश्मनों के मंसूबों को नाकाम किया जा सके।

पिछले कुछ हफ्तों में तेजी से बदले हालात
​सुरक्षा आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले कुछ हफ्तों में सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के कई बड़े नेटवर्क को तोड़ा है।
​उधमपुर मुठभेड़ (17 सितंबर): ठीक एक महीने पहले उधमपुर में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के दो पाकिस्तानी आतंकवादियों (सद्गाम और मुस्तफा) को मार गिराया था। उनके पास से एके असॉल्ट राइफल, एम4 कार्बाइन, ग्‍लॉक पिस्तौल और भारी मात्रा में ग्रेनेड व गोला-बारूद बरामद हुआ था।
​पुंछ धमाका और बारूदी सुरंगें (अक्टूबर): हाल ही में पुंछ जिले में एलओसी के पास हुए धमाके में लश्कर-ए-तैएबा के कमांडर सहित चार पाकिस्तानी मारे गए थे, जो घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। वहीं, मेंढर सेक्टर में सीमा के पास दो जंग लगी बारूदी सुरंगें मिलने के बाद सेना ने नियंत्रित विस्फोट कर उन्हें नष्ट किया था।
​इन लगातार सफल ऑपरेशनों से यह साबित होता है कि भारतीय सेना और सुरक्षा बल हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं और ठंड के इस संवेदनशील दौर में किसी भी नापाक हरकत को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

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