देशभर में आज, 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर रामलीला के मंचन के बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। यह पर्व अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
रावण दहन देखने उमड़ेंगे लोग
दशहरा के मौके पर रावण दहन कार्यक्रमों को लेकर लोगों में खास उत्साह रहता है। मैदानों में आकर्षक पुतले तैयार किए जाते हैं और रामलीला के जरिए भगवान राम की विजय की गाथा प्रस्तुत की जाती है। रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद रहती है।
भगवान राम की विजय का प्रतीक है दशहरा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी के दिन भगवान राम ने रावण का वध कर माता सीता को मुक्त कराया था। वहीं, यह दिन मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय से भी जुड़ा है। इसी कारण दशहरा को शक्ति, साहस और धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है।
बुराइयों को त्यागने का देता है संदेश
विजयादशमी केवल उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और अन्य बुराइयों को समाप्त करने की प्रेरणा भी देता है। रावण दहन के साथ लोग सत्य, सदाचार और अच्छे आचरण को अपनाने का संकल्प लेते हैं। यह पर्व प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है।

