नम आंखें, हाथों में सिंदूर और विदाई की बेला: गया के दुर्गाबाड़ी में भक्ति और भावनाओं का अनूठा संगम

Reena Sharma
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गयाजी। शहर के दुर्गाबाड़ी में महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म निभाकर मां दुर्गा को विदाई दी। यहां पूजा की पूरी व्यवस्था महिलाओं ने संभाली। श्रद्धालुओं ने मां से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।

सिंदूर खेला में दिखी परंपरा की झलक

महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की। इस दौरान माहौल भक्तिमय और भावुक रहा।

महिलाओं ने संभाली पूजा की जिम्मेदारी

दुर्गाबाड़ी में पूजा की व्यवस्थाओं से लेकर आयोजन तक की जिम्मेदारी महिलाओं ने उठाई। आपसी सहयोग और समर्पण से पूजा संपन्न कराई गई।

बंगाली संस्कृति और नारी शक्ति का प्रतीक

सिंदूर खेला ने बंगाली संस्कृति और परंपरा की झलक पेश की। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने धार्मिक आयोजनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाया।

अगले वर्ष फिर आने की कामना

मां दुर्गा की विदाई के समय महिलाओं ने नम आंखों से माता रानी से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की। सिंदूर खेला के साथ दुर्गा पूजा का समापन हुआ।

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