धनबाद के कतरास में कतरी नदी के अस्तित्व पर अतिक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। आरोप है कि गजलीटांड़ के पास आरके आउटसोर्सिंग कंपनी नदी में अतिक्रमण कर कोयला खनन कर रही है और कच्चा पुल बनाकर भारी वाहनों की आवाजाही करा रही है।
शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे सीओ
मामले की सूचना मिलने पर बाघमारा अंचलाधिकारी गिरजानंद किस्कू ने स्थल का निरीक्षण किया और नदी पर पुल बनाने से संबंधित कागजात कंपनी से मांगे।
किसके आदेश पर बना कच्चा पुल?
सीओ ने सवाल उठाया कि नदी पर कच्चा पुल किसके आदेश से बनाया गया और भारी वाहनों को नदी के आर-पार क्यों ले जाया जा रहा है। कंपनी प्रतिनिधियों से भी जवाब मांगा गया।
नदी और पर्यावरण को नुकसान का आरोप
स्थानीय स्तर पर आरोप है कि खनन गतिविधियों से नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। मामले में एनजीटी के नियमों के उल्लंघन की आशंका भी जताई जा रही है।
पहले भी उठ चुका है अतिक्रमण का मुद्दा
कतरी नदी का मामला पहले भी चर्चा में रहा है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने इसे विधानसभा में उठाया था और अधिकारियों के साथ नदी का निरीक्षण भी किया जा चुका है।

