गया। गया जिले के डेल्हा थाना क्षेत्र में विकास मित्र शंकर मांझी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुरानी रंजिश में रची गई हत्या की साजिश
गया के एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि शंकर मांझी की हत्या पुराने विवाद को लेकर दो लाख रुपये की सुपारी देकर कराई गई थी। हत्या की साजिश बंटी उर्फ राइडर ने रची थी। दरअसल, बंटी के भाई की हत्या के मामले में शंकर मांझी को अभियुक्त बनाया गया था। हालांकि, पुलिस की जांच में शंकर मांझी की इस हत्याकांड में कोई संलिप्तता सामने नहीं आई थी। इसी रंजिश में उनकी हत्या की साजिश रची गई।
विशेष पुलिस टीम ने संभाली जांच की कमान
मामले के उद्भेदन के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी। तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की योजना बनाई।
औरंगाबाद में छापेमारी कर दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र स्थित महमदपुर गांव में छापेमारी की। यहां से बंटी उर्फ राइडर और डाम उर्फ ओमकार को गिरफ्तार किया गया।
निशानदेही पर तीसरा आरोपी भी दबोचा गया
दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तीसरे आरोपी शक्ति कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे तीनों आरोपियों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी रहा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

