डिजिटल डेस्क/ मिरर मीडिया: झारखंड विधानसभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति के सभापति सह विधायक सुरेश पासवान की अध्यक्षता में परिसदन में जिला स्तरीय अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विधानसभा सत्र के दौरान सदस्यों द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों और सवालों के क्रियान्वयन की थाह लेना था। समीक्षा के दौरान समिति ने विभिन्न विभागों में लंबित मामलों और उनके निष्पादनों की मौजूदा स्थिति की विभागवार समीक्षा की।
औपचारिकता नहीं, संवेदनशीलता के साथ हो काम
बैठक को संबोधित करते हुए सभापति सुरेश पासवान ने अधिकारियों को दो-टुक निर्देश दिया कि विधानसभा में उठाए जाने वाले प्रश्नों को महज एक कागजी औपचारिकता न समझा जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनहित से जुड़े इन विषयों पर पूरी गंभीरता के साथ जमीनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।सभापति ने अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में निर्देश दिए।
समय-सीमा का पालन: सभी विभाग लंबित मामलों की तुरंत समीक्षा कर तय समय-सीमा के भीतर उनका निपटारा करें।
अद्यतन रिपोर्ट: अनुपालन प्रतिवेदन में किसी तरह का गोलमोल जवाब देने के बजाय वस्तुस्थिति की स्पष्ट और अपडेट जानकारी दी जाए।
पारदर्शिता और जवाबदेही: जनता की समस्याओं को सदन तक पहुँचाने वाले इन माध्यमों के प्रति विभागीय स्तर पर पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही बरती जाए।
आपसी समन्वय और निगरानी पर जोर
सुरेश पासवान ने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपसी तालमेल और समन्वय बनाकर लंबित मामलों को तेजी से सुलझाएं और की गई कार्रवाई की प्रगति पर लगातार नजर रखें।
बैठक में मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने महकमे से जुड़े प्रश्नों के अनुपालन की अद्यतन स्थिति समिति के समक्ष रखी। समिति ने हर विभाग की रिपोर्ट का बारीकी से आकलन करने के बाद आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सदन में दिए गए आश्वासनों और निर्देशों का प्रभावी अनुपालन हो, ताकि आम जनता को समय पर राहत मिल सके।

