डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : चर्चित गम्हरिया थाना परिसर दुष्कर्म मामले में एक बड़ा और नया कानूनी मोड़ आ गया है। हाल ही में सामने आई चिकित्सीय और दस्तावेजी जांच रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हो गई है कि पीड़िता नाबालिग है। ओडिशा के क्योंझर से गम्हरिया पहुंची पीड़िता की मां ने पुलिस को जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के शैक्षणिक दस्तावेज सौंपे, जिसकी जांच के दौरान किशोरी की उम्र लगभग 15 वर्ष पाई गई। उम्र के नाबालिग साबित होने के बाद इस पूरे मामले की कानूनी दिशा पूरी तरह बदल गई है। अब इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी मुंशी नीरज लकड़ा समेत घटना में संलिप्त अन्य पुलिसकर्मियों पर भी पॉक्सो अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
तथाकथित पति भी गिरफ्तार, बाल संरक्षण गृह भेजी गई पीड़िता
मीडिया रिपोर्ट्स में छपी तस्वीरों के जरिए ओडिशा के मयूरभंज और बड़बिल क्षेत्र में रहने वाले परिजनों ने पीड़िता को पहचाना था। इसके बाद मानवाधिकार संगठन के सहयोग से परिजन गम्हरिया थाना पहुंचे और पुलिस को बताया कि किशोरी पिछले छह महीने से लापता थी। परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने पीड़िता के तथाकथित पति शंकर दास को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने, बंधक बनाकर रखने, वेश्यावृत्ति कराने और यौन शोषण करने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने उस पर भी पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि पीड़िता को फिलहाल बाल संरक्षण गृह में सुरक्षित रखा गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई और आगे की जांच
इस गंभीर प्रकरण के तूल पकड़ने के बाद सरायकेला के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने पहले ही सख्त कदम उठाते हुए पूर्व थाना प्रभारी समेत कुल 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा मुख्य आरोपी मुंशी सहित तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
अब पीड़िता के नाबालिग पाए जाने के बाद जांच का दायरा और अधिक व्यापक हो गया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि इस जघन्य कृत्य में अन्य पुलिसकर्मियों की क्या भूमिका रही है और इस सिंडिकेट के तार कहां-कहां जुड़े हैं।

