मिरर मीडिया : पंचायती राज में महिलाओं की भागीदारी एवं जेण्डर हिंसा पर परिचर्चा का आयोजन शनिवार क़ो बाघमारा प्रखण्ड के पंचायत सचिवालय छत्रुटांड़ में किया गया। इस परिचर्चा में पंचायत प्रतिनिधि, एकल महिला, महिला एसएचजी, आसन्न पंचायती राज चुनाव के भावी महिला उम्मीदवार, सहिया, युवा महिला समेत अन्य स्टेकहोल्डर्स शामिल थे। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के सचिव हलीमा एजाज ने कहा की पंचायती राज में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला सशक्तिकरण जरूरी है। इसके बिना चुनाव में महिला प्रतिनिधि चुनाव तो जीतकर मुखिया या अन्य पद पर आसीन हो जाती है, लेकिन पुरुष वर्चस्व के चंगुल में रहती है।
उन्होंने बताया कि समाज में एकल महिला या दिव्यांग महिला भी अगर चुनाव लड़ना चाहे, तो समाज को उसे हरसंभव मदद करनी चाहिए। वहीं समाज सेवी रम्भा देवी ने कहा बताया कि पंचायती राज व्यवस्था में आरक्षण के तहत जो भी महिलाएं चुनाव लड़ती है या जीतती है, उसे कामकाज में किसी तरह का जेंडर भेदभाव न हो, इसके लिए पुरुष समाज को भी इस कार्य में हमेशा मदद करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी।
परिचर्चा के दौरान महिलाओं ने समूह चर्चा व प्रस्तुति कर पंचायती राज में महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त की। खेल के माध्यम से हलीमा एजाज जेण्डर भेद भाव पर प्रकाश डाला। मौके पर झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष शंकर रवानी, विनोद महतो, नईमुद्दीन अंसारी, बसंती गोस्वामी, लक्ष्मी कुमारी, रूबी कुमारी,उप मुखिया शगुप्ता खातुन, वार्ड सदस्य उषा कुमारी, सायरा बानू, गीता देवी, बेबी चक्रवर्ती, फूलकुमारी देवी, नीलम प्रभा, गायित्री देवी, सेवंती देवी, दुर्गा देवी, उषा देवी, बसंती देवी, रेणु देवी, खुदैजा खातुन, हँसीबुन खातुन, शाहनाज बानू,आरती देवी, कुसुम देवी, व अन्य महिलाएं उपस्थित थीं।अंत धन्यवाद ज्ञापन पंचायत के प्रधान उमेश महतो ने किया।

