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ढुलू महतो द्वारा कथित तौर पर SP पूज्य प्रकाश के साथ किये गए अभद्र वार्तालाप पर उठा विवाद बढ़ता ही जा रहा है। अब तो यह मामला बोकारो जिला में दिशा की बैठक में भी उठ गया। बता दें कि शुक्रवार को न्याय सदन सभागार में गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में दिशा की बैठक में धनबाद सांसद ढुलू महतो ने हत्याकांड मामले को सदन में उठा दिया।
ढुलू महतो और SP के बीच बहस में डीसी विजया याधव ने की हस्तक्षेप

हालांकि इसके लिए उन्होंने अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चौधरी से इजाजत भी नहीं ली थी। ढुलू महतो के द्वारा मामला सदन में उठाते ही धनबाद सांसद और SP पूज्य प्रकाश के बीच बहस शुरू हो गई। इस दौरान सांसद ढुलू महतो द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार पर SP ने सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जताई। बहस के बीच DC विजया याधव की एंट्री हुई और उन्होंने मामले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संसद द्वारा किये गए आचरण पर आपत्ति भी जता दी।
अधिकारियों को डिमोलाइज करने का अधिकार किसी को नहीं – DC
बहस के दौरान DC ने सांसद ढुलू महतो को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अधिकारियों को डिमोलाइज करने का अधिकार किसी को नहीं है। डीसी ने कहा कि दिशा की बैठक में इस मुद्दे को उठाना उचित नहीं था उसके लिए अलग से फार्म है जहां बात की जा सकती थी।
वहीं DC ने सांसद को उनकी गरिमा का भी पाठ पढ़ा डाला। DC विजया याधव ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को बताया कि थाने से मृतक के खिलाफ जिला बदर करने के लिए रिपोर्ट भेजी गई थी और उसे जिला बदर भी किया गया। लेकिन उसने कानून का उल्लंघन करते हुए जिले में आने का काम किया और उसने कानून का सम्मान नहीं किया।
गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने लिया सांसद ढुलू का पक्ष
वहीं इस मुद्दे पर जब अध्यक्ष गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी से बात की गई तो उन्होंने भी भाजपा सांसद का पक्ष लेते हुए कहा कि जब काम नहीं होता है तो जनप्रतिनिधि आक्रोशित होते हैं और इस तरह की बात हो जाती है। उन्होंने कहा कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि में टकराव न हो इसके लिए वह बैठक करेंगे।
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