मिरर मीडिया धनबाद : सुदृढ़ व सभ्य समाज के लिए महिलाओं का शिक्षित और जागरूक होना नितांत आवश्यक है। आज महिलाएं अशिक्षित और जागरूक नहीं रहने के कारण लगातार प्रताड़ना और हिंसा का शिकार हो रही है। उपरोक्त बातें रविवार को सिविल कोर्ट धनबाद में महिला सशक्तिकरण विषय पर आयोजित कार्यक्रम में धनबाद की एडीशनल फैमिली जज प्रेमलता त्रिपाठी ने कही।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की महिलाओं तथा बच्चों से संबंधित शिकायतों पर विचार करने के लिए तथा उनको शीघ्र न्याय दिलाने के लिए जिला न्यायाधीश की सीधी निगरानी में जिलों में महिला तथा बाल संरक्षण इकाईया काम कर रही है। अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुलदीप ने कहा की महिला तथा बच्चे चाहे उनका आर्थिक स्तर कुछ भी हो मुफ्त कानूनी सेवा पाने के हकदार हैं और जिला विधिक सेवा प्राधिकार उन्हें हर तरह की मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अवर न्यायाधीश सह सचिव डालसा निताशा बारला ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार गरीब, कमजोर तथा पीड़ित वर्ग के लोगों, महिलाओं बच्चे जेल में निरुद्ध कैदी,व अन्य को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। वही कमजोर वर्ग के लोगों महिलाओं में कानूनी शिक्षा तथा जागरूकता फैलाने के लिए भी निरंतर कार्यक्रम कर रही है। कार्यक्रम में उपस्थित आशा वर्करों व महिलाओं को डालसा के पैनल अधिवक्ता सुमन चटर्जी व जया कुमारी ने महिलाओं से संबंधित कानून दहेज प्रतिषेध अधिनियम ,सेक्सुअल हैरेसमेंट ऑफ वूमेन ऐट वर्कप्लेस , हेल्थ राइट ऑफ वूमेन, वूमेन अरेस्ट, भरण पोषण, संबंधित कानूनों के विषय में विस्तृत जानकारी दी । इसके पूर्व न्यायिक पदाधिकारियों ने बच्चों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल का भी उद्घाटन किया । प्रदर्शनी स्टॉल में विभिन्न तरह के निबंध पेंटिंग्स विभिन्न कानूनों की किताब लगाए गए थे।

