चाईबासा: झारखंड के चाईबासा स्थित बाल सुधार गृह से बड़ी संख्या में बाल कैदियों के फरार होने की घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बाल सुधार गृह का मुख्य उद्देश्य भटके हुए किशोरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना होता है, लेकिन यह घटना दर्शाती है कि सरकार इस दिशा में सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। उन्होंने इसे प्रशासन की लापरवाही करार देते हुए कहा कि राज्य सरकार सुधार गृहों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि सभी फरार किशोरों को जल्द से जल्द वापस लाया जाए और उनके पुनर्वास के लिए उचित काउंसलिंग की व्यवस्था की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो यह समाज के लिए खतरा बन सकता है।
मरांडी ने यह भी मांग की कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।