डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : लौहनगरी के कदमा थाना अंतर्गत कालींदी रोड जैसे रिहायशी इलाके में शुक्रवार को हुई चोरी की घटना ने स्थानीय पुलिस की चौकसी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने न केवल एक सूने घर को निशाना बनाया, बल्कि दिन के उजाले में बेखौफ होकर लाखों की संपत्ति पर हाथ साफ कर पुलिस को खुली चुनौती दी है।
सुनियोजित थी वारदात?
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू चोरों की टाइमिंग है। गृहस्वामी लोकेश कुमार सिंह उर्फ गब्बर (बिष्टुपुर थाना में क्रेन ऑपरेटर) एक सड़क दुर्घटना की ड्यूटी पर जुबली पार्क गए थे, उनकी पत्नी टाटा स्टील में ड्यूटी पर थी और बच्चे ट्यूशन गए हुए थे। चोरों ने घर के खाली होने का सटीक फायदा उठाया, जो इस ओर इशारा करता है कि शायद घर की पहले से रेकी की गई थी।
नुकसान का विवरण
चोरों ने घर की अलमारी के ताले तोड़कर ₹8 से ₹10 लाख मूल्य के सोने-चांदी के गहने (नेकलेस, बालियां, झुमके) पार कर दिए। घर में रखे नगद 25,000 कैश भी उड़ा ले गए।
जनता में बढ़ता आक्रोश
इस घटना के बाद कालींदी रोड और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों में डर और नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि पुलिस गश्ती में भारी कमी आई है। लोगों का तर्क है कि अगर भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता किसके भरोसे रहे?
वर्तमान स्थिति
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर जमशेदपुर के व्यस्त रिहायशी इलाकों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।

