डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : डिजिटल डेस्क लौहनगरी जमशेदपुर में अवैध निर्माण करने वालों पर प्रशासन का बड़ा ‘बुलडोजर’ चलने वाला है। झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए शहर के 24 अवैध भवनों को मात्र एक महीने के भीतर ध्वस्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट की इस सख्ती ने शहर के बड़े बिल्डरों और रसूखदारों की नींद उड़ा दी है।
क्यों गिरी गाज?
हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि जिन भवनों ने नक्शे का उल्लंघन किया है या बिना अनुमति के अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण किया है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि 25 फरवरी तक इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपी जाए।
इन इलाकों में मचेगा हड़कंप
प्रशासन की लिस्ट में शहर के कई पॉश और व्यस्त इलाके शामिल हैं। मुख्य रूप से इन जगहों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है
साकची और बिष्टुपुर: शहर के मुख्य व्यावसायिक केंद्र।
सोनारी और कदमा: रिहायशी इलाके जहां बड़े पैमाने पर निर्माण हुए हैं।
मानगो: यहां भी कई अवैध ढांचों को चिन्हित किया गया है।
नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं होगी। अगर एक महीने में निर्माण नहीं हटाए गए, तो प्रशासन खुद इन्हें तोड़ेगा और इसका खर्च भी भवन मालिकों से ही वसूला जाएगा।
स्टेशन से बागबेड़ा तक अतिक्रमण पर भी ‘एक्शन’
सिर्फ इमारतें ही नहीं, रेलवे स्टेशन से लेकर बागबेड़ा तक की सड़कों को भी अतिक्रमण मुक्त करने की तैयारी शुरू हो गई है। 16, 17 और 18 जनवरी को विशेष अभियान चलाकर सड़कों के किनारे अवैध रूप से बनी दुकानों और ढांचों को हटाया जाएगा। इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है।
आम जनता के लिए क्या है सबक?
इसने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बिना वैध नक्शे और नियमों के किया गया निर्माण कभी भी आपके लिए मुसीबत बन सकता है। शहर के लोग अब इस बात को लेकर चर्चा में हैं कि क्या इस बार वाकई बड़े ‘रसूखदारों’ पर कार्रवाई होगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा?

