ED की बड़ी कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Al-Falah University समूह के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली की अदालत ने उन्हें 13 दिनों की ED रिमांड पर भेजा है। एजेंसी का दावा है कि विश्वविद्यालय ट्रस्ट से जुड़े कई फंड्स को शेल कंपनियों के माध्यम से परिवार-हित कंपनियों में डायवर्ट किया गया।
शेल कंपनियों और फंड डायवर्जन का खुलासा
ED ने छापेमारी के दौरान लगभग ₹48 लाख नकद, कई डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि कई फर्जी या शेल कंपनियाँ एक ही पते से संचालित होती थीं, जिनका उपयोग ट्रस्ट फंड को बाहर निकालकर निजी कंपनियों में स्थानांतरित करने के लिए किया गया। निर्माण और कैटरिंग जैसे कई ठेके भी परिवार से जुड़ी कंपनियों को दिए जाने का आरोप है।
NAAC और UGC मान्यता पर भी गंभीर सवाल
जांच के दौरान Al-Falah University पर झूठे मान्यता दावों का भी खुलासा हुआ है। NAAC ने विश्वविद्यालय को नोटिस भेजा है क्योंकि उसने वेबसाइट पर गलत ‘ग्रेड A’ मान्यता का दावा किया था। साथ ही, UGC ने भी स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय ने जिस सेक्शन 12(B) मान्यता का दावा किया, वह सत्य नहीं है। इसी मामले में दिल्ली पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी की FIR दर्ज की है।
व्हाइट-कलर” आतंक नेटवर्क से जुड़ी जांच भी जारी
इस पूरे मामले का लिंक लाल किले के पास हालिया कार ब्लास्ट जांच से भी जोड़ा जा रहा है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि क्या शेल कंपनियों के माध्यम से प्रवाहित धन का उपयोग किसी “व्हाइट-कलर आतंक मॉड्यूल” में हुआ था। विश्वविद्यालय से जुड़े 25 से अधिक परिसरों पर छापेमारी इस संदर्भ में की गई है।

