डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट तेज होते ही सियासी पारा चढ़ने लगा है, लेकिन इस बीच देश के गृह मंत्री अमित शाह का एक अलग ही अंदाज देखने को मिलने वाला है। अमित शाह इस बार राजनीतिक हुंकार भरने के बजाय नदिया जिले के मायापुर (इस्कॉन) में आध्यात्मिक शांति और संतों के सान्निध्य में समय बिताएंगे।
क्या है शाह का ‘मिनट-टू-मिनट’ कार्यक्रम?
गृह मंत्री का यह दौरा पूरी तरह से धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों पर केंद्रित है। कार्यक्रम के मुख्य अंश इस तरह हैं।
आगमन: बुधवार दोपहर 1:35 बजे अमित शाह विशेष विमान से कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचेंगे।
मायापुर प्रस्थान: एयरपोर्ट से बीएसएफ के हेलीकॉप्टर के जरिए वे सीधे मायापुर के लिए उड़ान भरेंगे।
मंदिर दर्शन: दोपहर 2:25 बजे से शाम 4:25 बजे तक शाह मंदिर परिसर में रहेंगे। वे इस्कॉन के प्रसिद्ध शंखभवन और पद्मभवन का भ्रमण करेंगे।
संत समागम: इस दौरे का सबसे अहम हिस्सा संतों के साथ होने वाली विशेष बैठक है, जिसमें वे धर्म और समाज से जुड़े विषयों पर चर्चा कर सकते हैं।
विशेष अवसर: वे श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर की 152वीं जयंती समारोह में भी शिरकत करेंगे।
सियासी गलियारों में चर्चा: भक्ति या शक्ति प्रदर्शन?
हालांकि भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह एक गैर-राजनीतिक दौरा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे बंगाल की ‘सांस्कृतिक नब्ज’ को टटोलने की कोशिश मान रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले 31 जनवरी को बैरकपुर में शाह ने कार्यकर्ताओं को चुनावी मंत्र दिया था। अब चुनाव से ठीक पहले मायापुर जैसे वैश्विक धार्मिक केंद्र पर उनकी मौजूदगी, बंगाल की धार्मिक भावनाओं और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने के एक बड़े संकेत के रूप में देखी जा रही है।
शाम को अपना कार्यक्रम संपन्न कर गृह मंत्री सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। अब देखना यह होगा कि मायापुर की इस पावन धरती से शुरू हुआ यह ‘भक्ति मार्ग’ आने वाले चुनावों में क्या संदेश देता है।

