डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: पश्चिम बंगाल में चुनावी पारा अपने चरम पर है। बीरभूम के मयूरेश्वर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया। शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल की जनता अब डरने वाली नहीं है और वह बम का जवाब बैलेट से देने के लिए तैयार है।
शाह के संबोधन की बड़ी बातें
सिंडिकेट राज का अंत: अमित शाह ने वादा किया कि 4 मई के बाद बंगाल में भय का माहौल खत्म होगा और भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार सिंडिकेट व माफिया राज को जड़ से उखाड़ फेंकेगी।
घुसपैठ पर कड़ा प्रहार: उन्होंने कहा कि यह चुनाव घुसपैठियों को बाहर निकालने का है। शाह ने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं दी, जिसे भाजपा सरकार बनते ही 45 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा।
भ्रष्टाचारियों को चेतावनी: ‘कट मनी’ और भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए शाह ने कहा, जिन्होंने गरीबों का हक लूटा है, उन्हें उल्टा लटकाकर सीधा किया जाएगा और घोटाले की पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा।
महिला सुरक्षा और ‘संदेशखाली’ का मुद्दा
महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद राज्य में महिलाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए शाह ने कहा कि ममता बनर्जी माताओं-बहनों की सुरक्षा में विफल रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा की सरकार लाइए, बंगाल की बेटियां रात एक बजे भी स्कूटी पर बेखौफ निकल सकेंगी। आरजी कर और संदेशखाली जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
गुंडों को अल्टीमेटम: ‘घरों में ही बंद रहना’
अमित शाह ने चुनाव में हिंसा फैलाने वालों को कड़े लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन (23 और 29 अप्रैल) को उपद्रवी अपने घरों से बाहर न निकलें, क्योंकि 4 मई के बाद ‘खैर नहीं होगी।’ उन्होंने दावा किया कि 5 मई को बंगाल में भाजपा की सरकार बनना तय है और उसके बाद चुन-चुनकर माफियाओं को जेल भेजा जाएगा।
अस्मिता और धर्म का कार्ड
शाह ने ममता बनर्जी पर बहुसंख्यक समाज को डराने का आरोप लगाया। उन्होंने रामनवमी और सरस्वती पूजा पर होने वाली बाधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ममता सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। साथ ही, उन्होंने याद दिलाया कि बांग्ला भाषा को शास्त्रीय दर्जा देने और शांतिनिकेतन को यूनेस्को की धरोहर में शामिल कराने का काम पीएम मोदी ने किया है।

