केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार से तीन दिवसीय बिहार दौरे पर रहेंगे। जहां वे राज्य के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा उपायों, प्रशासनिक तैयारियों और चल रही विकास पहलों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान वे भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
कल शाम पहुंचेंगे पूर्णिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 फरवरी को शाम 4 बजे पूर्णिया पहुंचेंगे। फिर हेलीकॉप्टर से किशनगंज के लिए रवाना होंगे। वे शाम 5 से 7 बजे तक कलेक्ट्रेट में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे और किशनगंज में ही रात्रि विश्राम करेंगे।
किशनगंज से अररिया जाएंगे अमित शाह
अगले दिन 26 फरवरी को गृह मंत्री अमित शाह किशनगंज से अररिया जाएंगे, जहां वे सुबह 11 बजे लेट्टी सीमा चौकी पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद वे कलेक्ट्रेट में पुलिस अधीक्षकों और सीमावर्ती क्षेत्रों के जिला अधिकारियों के साथ भारत-नेपाल सीमा से संबंधित मुद्दों का आकलन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें सुरक्षा को लेकर बातचीत होगी।
27 फरवरी को करेंगे अहम बैठक
27 फरवरी को गृह मंत्री पूर्णिया में फिर सीमावर्ती जिलों से जुड़े मामलों पर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। दौरे के अंतिम चरण में समीक्षा बैठक के बाद वे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। इस दौरे को सीमावर्ती सुरक्षा, विकास योजनाओं की निगरानी और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ पर फोकस
इस दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2’ में शाह की भागीदारी है। इसके जरिए सरकार सीमा पर बसे गांवों को बुनियादी सुविधाओं से लैस कर वहां से पलायन रोकना चाहती है, ताकि ये गांव सुरक्षा की पहली पंक्ति के रूप में काम कर सकें। गृह मंत्री पहले भी कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि सीमांचल में अवैध प्रवासियों को वोट बैंक बनाने की कोशिशों को एनडीए सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। उनका यह दौरा उन घुसपैठियों को पकड़ने और डिपोर्ट करने की दिशा में प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय करने का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

