री-एडमिशन वसूली पर फूटा गुस्सा : धनबाद में झारखंड अभिभावक महासंघ ने खोला मोर्चा, प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

KK Sagar
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धनबाद | दिनांक 1 अप्रैल 2026 को झारखंड अभिभावक महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष पप्पू सिंह के नेतृत्व में धनबाद के उप-विकास आयुक्त सन्नी राज को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान निजी स्कूलों द्वारा अलग-अलग नामों से लिए जा रहे री-एडमिशन शुल्क पर रोक लगाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

ज्ञापन में कहा गया कि कई प्राइवेट स्कूल री-एडमिशन चार्ज को बिल्डिंग चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज, एनुअल चार्ज, कॉशन मनी जैसे छद्म नामों से वसूल रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। संगठन ने जिला प्रशासन से इस पर तुरंत रोक लगाने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

👉 जांच और कार्रवाई की मांग

अध्यक्ष पप्पू सिंह ने कहा कि जिले में निजी स्कूलों द्वारा नियमों के विरुद्ध शुल्क वसूली की जा रही है, जिसकी तत्काल जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों का आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रशासन को इस पर ठोस कदम उठाने होंगे।

👉 7 अप्रैल को होगी अहम बैठक

उप-विकास आयुक्त सन्नी राज ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सभी मुद्दों पर 7 अप्रैल को अभिभावक महासंघ के साथ बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

👉 किताबों और यूनिफॉर्म की कीमतों पर भी सवाल

महासचिव मनोज मिश्रा ने आरोप लगाया कि हर साल किताबों में मामूली बदलाव कर पूरा सेट खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर किया जाता है। उन्होंने इस पर रोक लगाने की मांग की।

👉 आंदोलन की चेतावनी

वरीय उपाध्यक्ष मुकेश पाण्डेय ने कहा कि यदि जल्द ही इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करेगा। उन्होंने निजी स्कूलों और प्रकाशकों के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि किताबों और यूनिफॉर्म के दाम में लगातार बढ़ोतरी से अभिभावक परेशान हैं।

ज्ञापन सौंपने के दौरान मीडिया प्रभारी रतिलाल महतो, कोषाध्यक्ष प्रेम ठाकुर, उदय प्रताप सिंह, दिलीप सिंह, जितेंद्र मलाकार सहित कई सदस्य मौजूद रहे।

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