“दिल्ली में दोबारा हो विधानसभा चुनाव” शराब पॉलिसी केस में केजरीवाल के बरी होने पर तेजस्वी की बड़ी मांग

Neelam
By Neelam
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दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित 23 आरोपियों को दिल्ली आबकारी (शराब) नीति मामले में आरोपों से मुक्त कर दिया। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के शराब नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी होने के साथ ही देश का सियासी पारा हाई हो गया है। बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले में बड़ा बयान दिया है। 

केंद्र सरकार पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

शुक्रवार को कोर्ट का फैसला आने के बाद पटना में मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने बड़ी मांग कर दी। उन्होंने कहा कि संस्थाओं का केंद्र सरकार दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को बदनाम करने की राजनीति की जा रही है। जो तथाकथित शराब घोटाला था उसमें कोर्ट ने सभी आरोपिरयों को बरी किया है, भाजपा का चाल, चरित्र सामने आ गया।

तेजस्वी यादव ने बड़ी मांग

तेजस्वी ने कहा कि कोर्ट में साफ हो गया है कि मामला झूठा था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर केजरीवाल को बेवजह मुकदमों में फंसाया गया और इसका असर चुनाव परिणाम पर पड़ा, तो दिल्ली में दोबारा चुनाव कराने पर विचार होना चाहिए, ताकि जनता सही मुद्दों पर फैसला कर सके।

पीएमओ और गृह मंत्रालय का संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा

आरजेडी नेता ने आरोप लगाया कि पीएमओ और गृह मंत्रालय ने संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है, जिससे चुनावी नतीजों पर असर पड़ रहा है। तेजस्वी ने कहा कि यह देश की न्यायिक स्वतंत्रता और संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा के लिए चिंता का विषय है। तेजस्वी ने कहा कि जब तक सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियां निष्पक्ष नहीं होंगी, तब तक लोकतंत्र की रक्षा असंभव होगी। उन्होंने कहा कि लगातार वही जांच एजेंसियां तीन-तीन बार लगातार जांच कर चुकी हैं, फिर भी कोई सबूत नहीं मिला। ऐसे में उन्हें कोर्ट का सामना करना पड़ा और विपक्ष को पूरा विश्वास है कि न्याय मिले।

मेरे परिवार पर भी लगाया जा रहा इल्जाम 

तेजस्वी ने अपने परिवार पर लगे आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि IRCTC से जुड़े मामले में अब तक किसी घोटाले की पुष्टि नहीं हुई। “लैंड फॉर जॉब” मामले में भी रेलवे ने आधिकारिक रूप से किसी घोटाले की बात नहीं मानी। कई मामलों में जांच एजेंसियों द्वारा क्लोजर रिपोर्ट या क्लीन चिट दी जा चुकी है। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि तीन बार जांच में राहत मिलने के बावजूद चौथी बार फिर से मामला उठाया गया, जो राजनीतिक प्रेरित प्रतीत होता है।

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