डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड राज्य बिवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के तहत शराब दुकानों के संचालन एवं प्रबंधन के लिए गलत तरीके से चयनित दो एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मुख्य सचिव अलका तिवारी को पत्र लिखकर मारशन इनोवेटिव सेक्यूरिटी एजेंसी और विज़न हॉस्पिटालिटी सर्विस एंड कंसलटेंट्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने तथा उन्हें काली सूची में डालने का अनुरोध किया है। पत्र की एक प्रति उन्होंने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को भी भेजी है।
फर्जी बैंक गारंटी के साक्ष्य प्रस्तुत
बाबूलाल मरांडी ने इस संबंध में मिली शिकायतों और साक्ष्यों के आधार पर बैंक द्वारा कॉरपोरेशन को भेजे गए 11 पत्रों की प्रतियां भी अपने पत्र के साथ संलग्न की हैं। इन पत्रों में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि उक्त एजेंसियों ने कारपोरेशन को फर्जी बैंक गारंटी जमा कर ठेका हासिल किया था।
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2022 में हुआ था सात एजेंसियों का चयन
मरांडी ने बताया कि वर्ष 2022 में झारखंड में शराब दुकान संचालन एवं प्रबंधन के लिए सात प्लेसमेंट एजेंसियों का चयन टेंडर के माध्यम से किया गया था। इनमें से हजारीबाग और धनबाद जिलों में मानव बल उपलब्ध कराने के लिए मारशन इनोवेटिव और विज़न हॉस्पिटालिटी सर्विस एंड कंसलटेंट्स का चयन किया गया था। लेकिन, इन दोनों एजेंसियों ने एग्रीमेंट के दौरान फर्जी बैंक गारंटी जमा कर कार्यादेश प्राप्त कर लिया।
बैंकों ने भी किया फर्जीवाड़े की पुष्टि
बाबूलाल मरांडी के अनुसार, शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों में पंजाब एवं सिंध बैंक, गीता कॉलोनी शाखा, नई दिल्ली द्वारा झारखंड राज्य बिवरेज कॉरपोरेशन को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विज़न हॉस्पिटालिटी सर्विस एंड कंसलटेंट्स की बैंक गारंटी फर्जी है। इसी प्रकार, बंधन बैंक, कोलकाता ने भी पुष्टि की है कि मारशन इनोवेटिव सेक्यूरिटी द्वारा दी गई बैंक गारंटी फर्जी है। इसके बावजूद, बिवरेज कॉरपोरेशन ने न तो इसकी जांच कराई और न ही कोई कार्रवाई की।
बाबूलाल मरांडी ने की निष्पक्ष जांच की मांग
बाबूलाल मरांडी ने इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कर दोषी एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले की सही तरीके से जांच की जाए, तो इसमें बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार उजागर हो सकता है।