स्नातक-स्नातकोत्तर युवाओं को मुर्गी-बकरी पालने की सलाह : बेरोजगारी पर बाबूलाल मरांडी का हेमन्त सोरेन पर हमला

KK Sagar
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झारखंड में बेरोजगारी को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर राज्य सरकार पर युवाओं की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर नौकरियां नहीं दे रही और युवाओं को बेरोजगार रखने की नीति पर चल रही है।

लाखों पद खाली, भर्ती की जगह सिर्फ कैलेंडर

बाबूलाल मरांडी ने अपने ट्वीट में कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों में लाखों पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के बजाय केवल बहाली कैलेंडर जारी कर रही है। इससे युवाओं में निराशा और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

मुर्गी पालने-बकरी चराने की सलाह पर सवाल

उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा स्नातक और स्नातकोत्तर पास युवाओं को मुर्गी पालन और बकरी पालन जैसी सलाह दिए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई। मरांडी ने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं को इस तरह की सलाह देना उनकी मेहनत और योग्यता का अपमान है।

छह साल युवाओं के लिए बने बुरे सपने

ट्वीट में यह भी कहा गया कि बीते छह साल राज्य के युवाओं के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे। आरोप लगाया गया कि सरकार रोजगार देने के बजाय सिर्फ लूट-खसोट में लगी हुई है, जिससे हालात और बदतर होते जा रहे हैं।

रिक्त पदों से बढ़ रहा भ्रष्टाचार

बाबूलाल मरांडी के मुताबिक विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली रहने से न केवल सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है, बल्कि भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हजारों अहम पद केवल प्रभार के भरोसे चल रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हो रही है।

मुख्यमंत्री से बहाली की मांग

अंत में मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से अपील करते हुए कहा कि राज्य और युवाओं के हित में संवेदनशीलता दिखाएं और जल्द से जल्द बड़े पैमाने पर बहाली प्रक्रिया शुरू करें, ताकि झारखंड के युवाओं को उनका हक मिल सके।

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