डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने कानून-व्यवस्था और नौकरशाही के हावी होने के मुद्दे पर सरकार को घेरा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने आसन के समक्ष प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारेबाजी की।
‘यह अबुआ नहीं, बाबुओं की सरकार है’: मरांडी
भाजपा विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में ‘अबुआ राज’ के नाम पर ‘बाबूशाही’ चल रही है। उन्होंने कहा राज्य की विधि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आपराधिक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। यह अबुआ सरकार नहीं, बल्कि बाबुओं की सरकार बन गई है, जहां अधिकारी बेलगाम हैं और जनता त्रस्त है। मरांडी ने मांग की कि प्रश्नकाल को स्थगित कर राज्य की कानून-व्यवस्था पर विशेष चर्चा कराई जाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के विधायक भी भीतर ही भीतर इस व्यवस्था से नाराज हैं।
सत्ता पक्ष का पलटवार: ‘अखबार की सुर्खियों के लिए हो रहा हंगामा’
विपक्ष के इन आरोपों पर सरकार की ओर से मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कल हुई कार्यमंत्रणा की बैठक में भाजपा ने यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया? मंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष केवल अखबारों में सुर्खियां बटोरने के लिए सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। उन्होंने चुनौती दी कि विपक्ष भ्रष्टाचार के विशिष्ट मामले सामने लाए, सरकार तुरंत कार्रवाई करेगी।
आजसू विधायक पर कार्रवाई और अध्यक्ष की चेतावनी
सदन में बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाया। हंगामे के दौरान आजसू विधायक तिवारी महतो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन के सभी सदस्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि सदन की मर्यादा का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

