डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: 54 साल पहले एक स्वतंत्र देश के रूप में अस्तित्व में आने वाले बांग्लादेश में गत अगस्त में शेख हसीना की अगुआई वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद पाकिस्तान के प्रति इस देश का रुख महत्वपूर्ण रूप से बदल गया है। अब बांग्लादेश की नई अंतरिम सरकार पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए काम कर रही है।
पाकिस्तान के साथ बढ़ती निकटता
पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के रिश्ते एक नए मोड़ पर पहुंच गए हैं। अब बांग्लादेश, पाकिस्तान के साथ लगातार अपने व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्ते को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सीधे व्यापार की शुरुआत
हाल ही में बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच पहला सीधा व्यापारिक लेन-देन शुरू हुआ है। बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और गहरा किया जा रहा है।
पाकिस्तानी कारोबारियों का ढाका दौरा
विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, पाकिस्तानी कारोबारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही ढाका आएगा, जहां वे अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शनी ढाका के गुलशन क्लब में आयोजित की जाएगी। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।*
हसीना सरकार के पतन के बाद अंतरिम सरकार का गठन
बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद, अगस्त में हिंसक छात्र आंदोलन के कारण अंतरिम सरकार का गठन किया गया था। इस नई सरकार के नेतृत्व में बांग्लादेश ने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को एक नए दृष्टिकोण से देखा और उसे मजबूत करने का निर्णय लिया है।
यूनुस की शहबाज शरीफ से मुलाकात
पिछले दिसंबर में काहिरा में एक सम्मेलन के दौरान मोहम्मद यूनुस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों को नया आकार देने के रूप में देखा जा रहा है।