बिहार विधानसभा में शुक्रवार को ‘ब्राह्मणवाद’ पर जमकर बवाल हुआ। भाकपा माले के विधायक संदीप सौरभ ने विधानसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत बिहार सरकार से यूजीसी इक्विटी एक्ट को लागू करने की मांग की। इस दौरान उन्होंने ब्राह्मणवादी मानसिकता शब्द का इस्तेमाल किया। इस पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जाति विशेष का जिक्र करने पर संदीप सौरभ पर जमकर हमला किया।
ऐसे हुई विवाद की शुरुआत
बिहार विधानसभा के बजट सत्र में विवाद की शुरुआत तब हुई जब माले विधायक संदीप सौरभ ने उच्च शिक्षण संस्थानों में होने वाले जातिगत भेदभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि बिहार में यूजीसी के नए नियमों को कड़ाई से लागू किया जाए। संदीप सौरभ ने कहा, “उच्च शिक्षण संस्थानों में जातियों को लेकर भेदभाव चरम पर है। जब भी सुधार की बात होती है, ब्राह्मणवादी मानसिकता के लोग विरोध शुरू कर देते हैं।”
जाति आधारित उत्पीड़न पर पेश किया आंकड़ा
माले विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में रोहित वेमुला, मुंबई के मेडिकल कॉलेज में पायल तड़वी, आईआईटी मुंबई में दर्शन सोलंकी की हत्या कैंपस में उत्पीड़न के प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। उन्होंने यूजीसी की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि 2019 से लेकर 2024 के बीच कैंपसों में जाति आधारित उत्पीड़न की घटनाओं में 118 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की तीखी प्रतिक्रिया
सदन में माले विधायक के द्वारा ब्राह्मणवाद को लेकर टिप्पणी किए जाने पर सत्ता पक्ष की विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का यदि आप सम्मान करते हैं तो इस तरह के का भाषा उचित नहीं है। विजय सिन्हा ने कहा कि मैं भी मुजफ्फरपुर के टेक्निकल कॉलेज में पढ़ने गया था। मैं भूमिहार ब्राह्मण समाज से आता हूं, वहां मेरी भी जबरदस्त रैगिंग हुई थी। मुझे हॉस्टल से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया गया था। समाज में जहर घोलने वाले लोग बाबा साहब अंबेडकर के जाति-विहीन समाज के सपने को तार-तार कर रहे हैं।
ब्राह्मणवाद शब्द रिकॉर्ड से हटाया गया
वहीं, विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार ने कहा कि इस प्रोसिडिंग से ब्रह्मण शब्द हटा दिया जाए। इसी बीच ब्राह्मणवाद शब्द के उपयोग पर विधानसभा में शोर होने लगा। स्पीकर ने बार-बार कहा कि कार्यवाही से ब्राह्मण शब्द हटाने का आदेश दे दिया गया है, लेकिन शोरगुल जारी रहा। स्पीकर ने कहा कि जाति सूचक बात नहीं आएगी।

