रिश्वतखोरी पर सीबीआई का आठवां ट्रैप
रिश्वत लेना और देना दोनों अपराध हैं, लेकिन किसी को रिश्वत देने के लिए मानसिक दबाव बनाना जघन्य अपराध है। इसके खिलाफ सरकारी एजेंसियां लगातार कार्रवाई करती रही हैं। इसी क्रम में धनबाद से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सीबीआई ने BCCL के क्लर्क और ऑपरेटर को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
₹20,000 की मांग पर हुआ ट्रैप
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के नाम राजकुमार सिंह और रामाश्रय गड़ेरिया बताए जा रहे हैं। ये लोग BCCL से सेवानिवृत्त एक कर्मी से उनके बकाया लाभ (बेनिफिट) दिलाने के एवज़ में ₹20,000 की रिश्वत मांग रहे थे। पीड़ित रिश्वत देने को तैयार नहीं थे और उन्होंने सीबीआई से शिकायत दर्ज कराई।
कार्यालय से हुई गिरफ्तारी
शिकायत के बाद सीबीआई ने पूरे मामले की गहन जांच पड़ताल की और योजना बनाते हुए कार्यालय में ट्रैप बिछाया। इसी दौरान दोनों आरोपी रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिए गए। उन्हें तत्काल हिरासत में ले लिया गया।
पीड़ित को राहत, रकम वापस मिलेगी
सीबीआई एसपी ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मी एक महीने से अपने लाभ नहीं मिलने से परेशान थे। क्लर्क और ऑपरेटर लगातार रिश्वत की मांग को लेकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। एजेंसी ने कार्रवाई कर न केवल आरोपियों को पकड़ा बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि केस के निष्पादन के समय रिश्वत की रकम भुक्तभोगी को वापस कर दी जाएगी और रुके हुए कार्य को भी पूरा किया जाएगा।
जनता से अपील
सीबीआई एसपी ने अपील की कि यदि किसी भी कार्य के निष्पादन के एवज़ में आपसे रिश्वत मांगी जाती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप सीधे सीबीआई एसीबी या अन्य सरकारी एजेंसियों के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

