रामगढ़। रामगढ़ जिले में अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठों पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज के निर्देश पर जिला खनन पदाधिकारी निशांत अभिषेक द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे अवैध ईंट भट्ठों को नोटिस जारी किया गया है।
इन क्षेत्रों में चल रहे अवैध भट्ठे
खनन विभाग के अनुसार रामगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत हुहुवा, गोबरदरहा, कैथा, कुंदरू कला, पतरातू प्रखंड के बरकाकाना, पीरी, मसमोहना तथा मांडू प्रखंड के आरा, सारूबेड़ा सहित कई इलाकों में बिना अनुमति अवैध चिमनी भट्ठे संचालित पाए गए हैं।
निरीक्षण में खुलासा
जिला खनन कार्यालय रामगढ़ द्वारा 20 जनवरी 2026 को ईंट भट्ठा स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद पत्रांक 91/खनन रामगढ़ (दिनांक 24/01/2026) के तहत नोटिस जारी किया गया।
निरीक्षण में पाया गया कि कई भट्ठा संचालक बिना अनुज्ञप्ति के ईंट निर्माण कर उसका प्रेषण कर रहे हैं, जो कि स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन है।
कानूनी नियमों का उल्लंघन
खनन विभाग ने इसे—
झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली 2004 के नियम 4, 30, 31, 32
झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली 2017 के नियम 54
एमएमडीआर एक्ट 1957
झारखंड मिनरल प्रिवेंशन ऑफ इल्लीगल माइनिंग, ट्रांसपोर्टिंग एंड स्टोरेज रूल 2017
का उल्लंघन बताया है।
7 दिनों में दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश
नोटिस में ईंट भट्ठा संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे नोटिस प्राप्ति के 7 दिनों के भीतर जिला खनन कार्यालय में आवश्यक कागजात प्रस्तुत करें।
इन दस्तावेजों में शामिल हैं—
ईंट मिट्टी अनुज्ञप्ति हेतु वैधानिक आवेदन की प्रति
स्वामित्व प्रमाण
डीएमएफटी एवं वैधानिक शुल्क भुगतान का साक्ष्य
माइनिंग प्लान
पर्यावरण स्वीकृति (EC)
प्रदूषण नियंत्रण अनुमति (CTO)
साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि बिना EC/CTO एवं अन्य स्वीकृतियों के संचालन जारी रखने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संचालकों की होगी।
राजस्व वसूली का विवरण
खनन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले के परसाबेड़ा, पीरी, सिदवार कला, मसमोहना स्थित कुल 56 ईंट भट्ठों से वर्ष 2025-26 में अब तक—
रॉयल्टी: ₹36,07,500
डीएमएफटी: ₹10,64,700
पर्यावरण प्रबंधन शुल्क: ₹36,075
मैनेजमेंट फी: ₹1,30,666
फाइन के रूप में राजस्व वसूला गया है।

