छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ हुई है। सुकमा जिले के किस्ताराम थाना क्षेत्र के घने जंगलों में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और नक्सलियों के बीच हुई इस मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए हैं।
मुठभेड़ स्थल से ऑटोमैटिक हथियार बरामद
सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि घटनास्थल से ऑटोमैटिक हथियार और अन्य गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। इससे साफ है कि मारे गए नक्सली अत्याधुनिक और भारी हथियारों से लैस थे।
खुफिया सूचना के आधार पर शुरू हुआ था सर्च ऑपरेशन
इससे पहले आईजी बस्तर ने जानकारी दी थी कि बीजापुर जिले के दक्षिणी इलाके में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया और DRG की टीम को दक्षिण बस्तर क्षेत्र में रवाना किया गया।
सुबह 5 बजे से रुक-रुक कर फायरिंग
अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब 5 बजे से DRG और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से पहले दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे, जिसके बाद अभियान और तेज कर दिया गया।
इलाके की घेराबंदी, अतिरिक्त बल तैनात
सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और अतिरिक्त बलों को मौके पर भेजा गया है। जंगलों में छिपे अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए सघन तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान समाप्त होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी
दक्षिण बस्तर में हुई यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियानों के लिहाज से एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि लगातार मिल रही खुफिया सूचनाओं और रणनीतिक कार्रवाई से माओवादी नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
सरकार और सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति बहाल करने और नक्सल गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

