नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में हिस्सा लेते हुए महिला सशक्तिकरण को लेकर बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि देश की संसद एक ऐतिहासिक फैसला लेने के करीब है और 16 अप्रैल से महिला आरक्षण को लेकर विशेष चर्चा शुरू होगी।
🏛️ संसद में बनने जा रहा नया इतिहास
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक लेने जा रहा है। यह फैसला नारी शक्ति के सम्मान और उनके अधिकारों को मजबूत करने के लिए समर्पित होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि संसद इस मुद्दे पर नई ऊंचाइयों को छुएगी।
📅 16 अप्रैल से शुरू होगी अहम चर्चा
पीएम के अनुसार, संसद के विशेष सत्र में 16, 17 और 18 अप्रैल को महिला आरक्षण पर विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने इसे दशकों के इंतजार का अंत बताया और कहा कि अब समय आ गया है जब यह सपना हकीकत बने।
👩⚖️ ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर जोर
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 2023 में संसद की नई इमारत में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पेश किया गया था, जिसे सभी दलों ने सर्वसम्मति से पारित किया।
इस दौरान उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष Meira Kumar की मौजूदगी का भी उल्लेख किया।
💬 पीएम मोदी का संदेश
पीएम मोदी ने कहा:
यह फैसला महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को समर्पित है
देश में सामाजिक न्याय को केवल नारा नहीं, बल्कि कार्य-संस्कृति बनाया जाएगा
सभी दलों के सहयोग से यह ऐतिहासिक कार्य पूरा होगा
उन्होंने यह भी कहा कि वे उपदेश देने नहीं, बल्कि देश की माताओं और बहनों का आशीर्वाद लेने आए हैं।
🎯 2029 तक लागू करने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस कानून को 2029 तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार भी सभी राजनीतिक दल मिलकर इस महत्वपूर्ण कदम को आगे बढ़ाएंगे।

