डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: टाटा स्टील ने अपने कार्यक्षेत्र में सुरक्षा और सुगमता को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। टाटा स्टील के एमडी सह सीईओ टीवी नरेंद्रन की अध्यक्षता में आयोजित ‘सेफ्टी एपेक्स काउंसिल’ की बैठक में सुरक्षा नियमों को सरल बनाने और प्रक्रियाओं को तेज करने पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्य बदलाव और हाइलाइट्स
सेफ्टी स्टैंडर्ड्स में कटौती: कंपनी ने अपने सुरक्षा मानकों की संख्या को 90 से घटाकर मात्र 23 कर दिया है। इसका उद्देश्य नियमों को अधिक प्रभावी और समझने में आसान बनाना है।
तेजी से मिलेगा वर्क परमिट: अब कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों को वर्क परमिट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। नई व्यवस्था के तहत मात्र 5 मिनट में वर्क परमिट बनकर तैयार हो जाएगा।
गेट पास प्रक्रिया हुई आसान: गेट पास बनवाने की अवधि, जो पहले काफी ज्यादा थी, उसे घटाकर 2 से 4 दिन कर दिया गया है। पहले इस प्रक्रिया में लगभग 26 दिन का समय लगता था।
डिजिटल पहल: सुरक्षा के बेहतर संचालन के लिए ‘सेफ्टी लेंस’ एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे तकनीकी स्तर पर मॉनिटरिंग सटीक हो सकेगी।
रेड रिस्क पर फोकस: एमडी टीवी नरेंद्रन ने निर्देश दिया है कि ‘रेड रिस्क’ (अत्यधिक जोखिम वाले कार्य) को प्राथमिकता पर रखकर काम किया जाए। साथ ही, एपेक्स कमेटी को और अधिक सक्रिय और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।
सिम्युलेटर से मिलेगी ट्रेनिंग
टाटा स्टील जमशेदपुर में छह नए सिम्युलेटर लगाए गए हैं। इनके माध्यम से कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) दी जाएगी, ताकि वे काम शुरू करने से पहले तकनीकी बारीकियों को अच्छी तरह समझ सकें।

