MGM अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र का ‘बड़ा फर्जीवाड़ा’ उजागर, 4 कर्मियों का वेतन रोका, DC की सख्ती के बाद एक्शन

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग में चल रहे खेल का पर्दाफाश हुआ है। विभाग द्वारा 96% काम पूरा होने का जो दावा किया जा रहा था, वह जांच में पूरी तरह ‘झूठा’ निकला। इस फर्जीवाड़े और भारी लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए अस्पताल प्रशासन ने चार कर्मियों के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

96% काम का दावा निकला ‘हवाई’, 7000 फाइलें धूल फांक रहीं
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर जब उपाधीक्षक डॉ. जुझार माझी ने रिकॉर्ड्स की समीक्षा की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

झूठी रिपोर्टिंग: विभाग दावा कर रहा था कि 96% प्रमाण पत्र बांटे जा चुके हैं, जबकि हकीकत में 7,000 आवेदन वर्ष 2021 से लंबित पड़े हैं।

अवैध वसूली की शिकायत: अभिभावकों को महीनों अस्पताल के चक्कर कटवाए जा रहे थे और इस बीच अवैध वसूली की खबरें भी प्रशासन तक पहुंची थी।

इन पर गिरी गाज: लापरवाही के आरोप में जयराम महतो, सोमू सिंह, रविंद्र नाथ मांडी और जयराम मुर्मू का वेतन रोक दिया गया है।

मिशन मोड में ‘बैकलॉग’ खत्म करने की तैयारी
7000 लंबित फाइलों को निपटाने के लिए अस्पताल में विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए मैनपावर बढ़ाई गई है। सेंट्रल रजिस्ट्रेशन शाखा के 5 आउटसोर्स कर्मियों और 2 लिपिकों को अतिरिक्त शिफ्ट में काम पर लगाया गया है। पुराने कर्मियों को शाम 6 बजे तक रुककर लंबित काम निपटाने का सख्त आदेश दिया गया है। जब तक शत-प्रतिशत बैकलॉग खत्म नहीं होता, यह अभियान जारी रहेगा।

अब नहीं काटने होंगे चक्कर: लागू हुई नई SOP
अभिभावकों की परेशानी दूर करने के लिए डॉ. जुझार माझी ने नई मानक कार्यप्रणाली लागू कर दी है

सेम डे डिलीवरी: अब अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों का प्रमाण पत्र उसी दिन तैयार कर परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

कॉल बैक सिस्टम: लंबित आवेदनों के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे खुद अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें प्रमाण पत्र ले जाने की सूचना दें।

प्रशासन का संदेश: गलत रिपोर्टिंग और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नई व्यवस्था से पारदर्शिता आएगी और अस्पताल की साख बहाल होगी।

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