झारखंड को रेलवे की बड़ी सौगात: 63,470 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू, हाथियों की सुरक्षा के लिए AI कैमरों का पहरा

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड में रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए केंद्र सरकार ने खजाना खोल दिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि वर्तमान में राज्य में 63,470 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिसमें से अकेले इस वित्त वर्ष के लिए झारखंड को 7,536 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

हाथियों की सुरक्षा: अब ‘AI’ और ‘थर्मल कैमरे’ बचाएंगे जान
​चक्रधरपुर रेल मंडल में अक्सर होने वाली हाथियों की मौत की घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है।
​7 अंडरपास: चक्रधरपुर रेल मंडल में वन्य जीवों के लिए 7 विशेष अंडरपास बनाए जाएंगे।
​AI आधारित निगरानी: हाथियों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित थर्मल कैमरे और ऑप्टिकल फाइबर केबल बेस्ड इंस्ट्रूमेंट लगाए जाएंगे।
​कंपन प्रणाली: वनतारा के सहयोग से कंपन आधारित सेंसर प्रणाली अगले कुछ महीनों में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगी, जो ट्रेन चालकों को हाथियों की मौजूदगी का संकेत देगी।

ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर: व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
​पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत तक बनने वाला ‘ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर’ झारखंड के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। यह पूरी तरह से एक नई रेल लाइन होगी। यह लाइन चक्रधरपुर रेल मंडल से होकर गुजरेगी। डीआरएम तरुण हुरिया ने स्पष्ट किया कि भीड़भाड़ कम करने के लिए इस कॉरिडोर को शहरों के बाहर से निकाला जाएगा।

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नई ट्रेनें और कनेक्टिविटी
​झारखंड के यात्रियों के लिए खुशखबरी है कि राज्य को जल्द ही दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस मिलने वाली हैं।
​धनबाद-कोयम्बटूर अमृत भारत: दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों के लिए यह एक बड़ी राहत होगी। राज्य में फिलहाल 12 वंदे भारत एक्सप्रेस का सफल संचालन हो रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर: तीसरी और चौथी लाइन का अपडेट
इस वर्ष आदित्यपुर खंड की तीसरी लाइन का काम पूरा हो जाएगा, जिससे ट्रेनों के परिचालन में होने वाली देरी कम होगी। चक्रधरपुर रेल मंडल में तीसरी लाइन का जाल बिछने के बाद चौथी लाइन के सर्वे पर भी काम भविष्य की योजनाओं में शामिल है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस केवल नई पटरियां बिछाने पर नहीं, बल्कि सुरक्षा और पर्यावरण (विशेषकर वन्यजीव) के साथ तालमेल बिठाने पर भी है।

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