बिहार में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। नकली करेंसी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा और एक वांटेड अपराधी अबुल इनाम उर्फ लादेन को पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में गिरफ्तार कर लिया है।
पाक आतंकियों से कनेक्शन का शक
शहर के कोतवाली चौक से मंगलवार की अहले सुबह अब्दुल इनाम उर्फ लादेन को जाली नोट तस्करी और इसमें शामिल पाकिस्तानी नागरिक को भगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उस पर पाकिस्तान के आतंकियों से कनेक्शन होने का शक है।
जाली नोट तस्करी का मामला
बता दें कि पिछले वर्ष मार्च के प्रथम सप्ताह में ही जाली नोट तस्करी का पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया था। कद्दू के खोखले में पाकिस्तान से इंडिया नकली नोट की खेप आई थी। इस मामले में पुलिस ने जयनगर बलडीहा गांव निवासी मो. ताहिर और उसके सहयोगी पंडौल थाना क्षेत्र के उदयपुर बिठुआर निवासी हाजी मोहम्मद ओवैस को जाली नोट तस्करी में गिरफ्तार किया था। जाली नोट तस्करी में शामिल इनके पाकिस्तानी साथी अंसारी उर्फ मस्तान की गिरफ्तारी के लिए जिले में कई जगहों पर छापेमारी की गई थी। लेकिन इस मामले में सफलता नहीं मिली। इसके बाद से कार्रवाई धीमी हो गई थी। लेकिन एक बार फिर मंगलवार की सुबह जाली नोट तस्कर गिरोह के सदस्य अब्दुल इनाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पाकिस्तानी नागरिक को भारत से भागने का आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार अबुल इनाम पर न सिर्फ एक बड़ा नकली करेंसी नेटवर्क चलाने का आरोप है, बल्कि उसने एक पाकिस्तानी नागरिक को भारत से भागने में भी मदद की है। लादेन पर पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद अंसारी उर्फ मस्तान को नेपाल के रास्ते भारत से सुरक्षित भागने में मदद करने का आरोप है। मोहम्मद मस्तान को नकली करेंसी का मुख्य हैंडलर माना जाता है, जो बिहार के बॉर्डर वाले जिलों में पाकिस्तान में छपी करेंसी की खेप बांटता था।
आतंकवादी संगठनों से लिंक की जांच
गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। आरोपी से पूछताछ के दौरान उसके मोबाइल, कॉल डिटेल और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। संदिग्ध लोगों और कथित आतंकवादी संगठनों के साथ उसके लिंक की भी जांच की जा रही है। लादेन काफी समय से फरार था और पुलिस के रडार पर था।

