डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: लौहनगरी में आतंक का पर्याय बना तड़ीपार अपराधी मनीष सिंह आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। जुगसलाई थाना पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन चलाकर उसे सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल स्थित एक आलीशान रिसॉर्ट से दबोच लिया। मनीष पर जुगसलाई के व्यापारियों से रंगदारी वसूलने और कई संगीन आपराधिक मामलों का आरोप है।
नए थाना प्रभारी का ’24 घंटे’ वाला एक्शन
दिलचस्प बात यह है कि मनीष सिंह की गिरफ्तारी में देरी होने के कारण दो दिन पहले ही एसएसपी ने पूर्व थाना प्रभारी बैजनाथ कुमार को सस्पेंड कर दिया था। मंगलवार को गुलाम रब्बानी ने जुगसलाई के नए थाना प्रभारी के रूप में कमान संभाली और महज 24 घंटे के भीतर मोस्ट वांटेड अपराधी को सलाखों के पीछे भेजकर अपनी धमक दिखा दी।
कारोबारियों में था दहशत का माहौल
मनीष सिंह तड़ीपार होने के बावजूद लगातार क्षेत्र में सक्रिय था। पुलिस को शिकायतें मिल रही थी कि वह जुगसलाई के कारोबारियों को डरा-धमकाकर रंगदारी मांग रहा है। हाल ही में उसके गिरोह पर पुलिस ने चौतरफा वार किया था
जुगसलाई: मनीष के दो गुर्गे पिस्तौल के साथ गिरफ्तार हुए।
गोलमुरी: पुलिस ने गैंग के 7 अन्य सहयोगियों को दबोचा।
एसएसपी की निगरानी: पूरे मामले की मॉनिटरिंग खुद एसएसपी स्तर पर की जा रही थी।
पुलिस का बयान: गिरफ्तार आरोपी से फिलहाल पूछताछ की जा रही है। रंगदारी सिंडिकेट और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य नामों का खुलासा जल्द होगा।

