बिहार की राजनीति में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) इस समय परेशानी के दौर से गुजर रही है। बेटे को बिना चुनाव लड़ाए मंत्री बनाने के फैसले के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी देखी जा रही है। जिसके बाद पार्टी अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। चर्चा है कि दिनारा से विधायक आलोक सिंह को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है।
पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, उपेन्द्र कुशवाहा पार्टी में पिछले कुछ समय से जारी असंतोष की स्थिति को खत्म करने और पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे हैं। इसके लिए शीर्ष नेतृत्व स्तर पर मंथन चल रहा था। इसी कड़ी में हाल ही में माधव आनंद और आलोक सिंह ने पटना में उपेन्द्र कुशवाहा से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद ही दिनारा विधायक आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति बनी।
राजपूत समाज को पार्टी से जोड़ने की रणनीति
जानकारों का मानना है कि आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाना एक सोची-समझी रणनीति है। उपेंद्र कुशवाहा शाहाबाद क्षेत्र में मजबूत आधार रखने वाले राजपूत समाज को पार्टी से जोड़ना चाहते हैं। आलोक सिंह के जरिए कुशवाहा और राजपूत समाज के बीच संतुलन बनाकर पार्टी अपनी पैठ को और गहरा करना चाहती है, जिससे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल सके।

