केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय बिहार दौरे पर हैं। अमित शाह अपने दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को अररिया पहुंचे। यहां सीमा सुरक्षा बल के कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र सरकार का इरादा साफ कर दिया है। उन्होंने कहा है कि ‘हम पूरे सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे।’
सीमांचल में घुसपैठ पर सख्ती के संकेत
अमित शाह बिहार के नेपाल सीमा से सटे लेटी पहुंचे, जहां उन्होंने सशस्त्र सीमा बल की 52वीं बटालियन के बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) भवन का उद्घाटन किया। शाह ने एसएसबी जवानों को संबोधित करते हुए सीमांचल में घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि ‘सीमांचल क्षेत्र से घुसपैठियों को बाहर करने का मिशन जल्द शुरू किया जाएगा। घुसपैठ की वजह से क्षेत्र की डेमोग्राफी में बदलाव आया है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।’
शाह ने जनता को अपना वादा याद दिलाया
शाह ने अपने संबोधन के दौरान कहा, ‘आमतौर पर लोगों को नेता को वादे याद कराने पड़ते हैं। लेकिन मैं यहां की जनता को अपना वादा याद दिलाने आया हूं। घुसपैठिए गरीबों के अनाज की हकमारी करते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इनको देश से बाहर करना जरूरी है। बिहार की सरकार से लेकर डीएम, एसपी से डिटेल मीटिंग करके हम एक्शन प्लान बना रहे हैं। सीमा से 10 किमी अंदर जितने भी अवैध अतिक्रमण हैं, उन्हें हटा दिया जाएगा। एक-एक घुसपैठियों को भारत की भूमि से चुन-चुन कर बाहर कर देंगे।’
खुली सीमा सबसे बड़ी चुनौती
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘जिस देश की सीमाएं फेंसिंग से सुरक्षित हैं, वहां निगरानी अपेक्षाकृत आसान होती है, लेकिन खुली सीमा की सुरक्षा अधिक जटिल और चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने नेपाल के साथ खुली सीमा का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, मजबूत सूचना तंत्र और स्थानीय लोगों से बेहतर संवाद बेहद जरूरी है।’
तस्करी-नार्कोटिक्स पर भी होगी कड़ी नजर
गृह मंत्री ने जवानों से कहा कि सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ अवैध तस्करी, नार्कोटिक्स और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी होगी। इसके लिए स्पष्ट एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार की जानी चाहिए, ताकि निचले स्तर तक तैनात जवान पूरी तरह सतर्क रहें। खुली सीमा की सुरक्षा को उन्होंने बड़ी चुनौती बताया।

