बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा 2026 आज से पूरे राज्य में शुरू हो गई है। जिसे लेकर छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन में खासा उत्साह और सतर्कता देखने को मिल रही है। परीक्षा को लेकर राज्यभर में 1,699 केंद्रों बनाए गए हैं। इसमें कुल 15,12,687 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।
25 फरवरी तक परीक्षा
यह परीक्षा 25 फरवरी दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होगी। जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से आयोजित की जाएगी। बिहार की सबसे बड़ी शैक्षणिक परीक्षाओं में 7,85,726 छात्राएं और 7,26,961 छात्र भाग ले रहे हैं।
1 घंटे पहले सेंटर में प्रवेश
परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले तक परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर लेना आवश्यक है। देर से आने वाले परीक्षार्थी को उस पाली की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जायेगी। प्रथम पाली के परीक्षार्थी को परीक्षा शुरू होने के समय 9:30 बजे से 30 मिनट पहले अर्थात नौ बजे तक व दूसरी पाली के परीक्षार्थी को दो बजे से 30 मिनट पहले यानी 1:30 बजे तक ही परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति दी जायेगी। इसके बाद विलंब से आने वाले परीक्षार्थी को परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। पहली पाली के लिए केंद्र के अंदर 8:30 बजे से प्रवेश शुरू हो जएगा।
CCTV से परीक्षा केन्द्र की निगरानी
मैट्रिका परीक्षा को कदाचारमुक्त बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था भी की गई है। परीक्षार्थियों की तीन-स्तरीय तलाशी ली जा रही है। प्रवेश द्वार पर ही सघन जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। महिला परीक्षार्थियों की तलाशी के लिए महिला केंद्राधीक्षक और महिला वीक्षकों की तैनाती की गई है।
परीक्षा के दौरान जूता-मोजा पहनने की अनुमति नहीं
निर्देश के अनुसार, जूता-मोजा पहनकर आने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है, सभी को चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना अनिवार्य है। परीक्षा संचालन के लिए सभी केंद्रों पर जोनल, सब-जोनल और सुपर जोनल स्तर पर मजिस्ट्रेटों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है।

