बिहार विधानसभा चुनाव मे करारी हार का सामना करने के बाद कांग्रेस एक बार फिर एक्शन मोड में आ गई है। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने कमर कस ली है। पार्टी ने असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लिए चुनाव प्रबंधन को मजबूत करते हुए सीनियर ऑब्ज़र्वर और ऑब्जर्वर की नियुक्ति कर दी है। इस रणनीतिक फेरबदल में बिहार के दो कद्दावर नेताओं शकील अहमद खान और कन्हैया कुमार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अनुभवी चेहरों और युवाओं पर दांव
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इस संबंध में उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने अनुभवी चेहरों और युवाओं के मिश्रण पर दांव लगाया है। इस नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य चुनावी राज्यों में जमीनी स्तर पर तालमेल बिठाना और टिकट वितरण से लेकर प्रचार अभियान तक की निगरानी करना है।
शकील अहमद खान और कन्हैया कुमार को बड़ी जिम्मेदारी
बिहार विधानमंडल दल के नेता और वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान को पश्चिम बंगाल का वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया गया है। वहीं पार्टी के फायरब्रांड नेता और छात्र राजनीति से अपनी पहचान बनाने वाले कन्हैया कुमार को केरल की जिम्मेदारी दी गई है। केरल में वामपंथ और कांग्रेस के बीच होने वाली सीधी जंग में कन्हैया की वाकपटुता और युवा अपील को भुनाने की कोशिश की जाएगी।
क्यों अहम है ये नियुक्तियां?
पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस इस बार केवल चुनाव नहीं, बल्कि संगठन की री-बिल्डिंग की रणनीति पर भी काम कर रही है. पर्यवेक्षकों को सीधे फीडबैक, टिकट वितरण की रिपोर्ट और गठबंधन समन्वय की जिम्मेदारी भी दी गई है. साफ है कि कांग्रेस इस बार चुनावी मैदान में फुल प्लानिंग मोड में उतरने की तैयारी कर चुकी है।
किस नेता को किस राज्य की मिली जिम्मेदारी
कांग्रेस ने बुधवार को पांच चुनावी राज्यों के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की। असम के लिए बघेल, शिवकुमार व बंधु तिर्की, केरल के लिए पायलट, केजे जॉर्ज, इमरान प्रतापगढ़ी और कन्हैया कुमार को वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया गया है। तमिलनाडु एवं पुडुचेरी के लिए मुकुल वासनिक, उत्तम कुमार रेड्डी व काजी मोहम्मद निजामुद्दीन तथा पश्चिम बंगाल के लिए सुदीप रॉय बर्मन, शकील अहमद खान और प्रकाश जोशी को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इन राज्यों में इस साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संभावित है।

