Bihar: मकर संक्रांति से पहले बिहार में ‘दही-चूड़ा’ पॉलिटिक्स, तेज प्रताप ने चला बड़ा दांव

Neelam
By Neelam
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बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का ‘दही-चूड़ा’ भोज काफी चर्चित रहा है। हालांकि इन दिनों लालू यादव बीमार चल रहे हैं। ऐसे में राजद सुप्रीमो की ओर से ‘दही-चूड़ा’ भोज की चर्चा अब तक नहीं है। हालांकि, लालू यादव के अंदाज के दही चूड़ा भोज का आनंद आपको दिखाई देगा। दरअसल, जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा का भोज करायेंगे।

तेज प्रताप ने चढ़ाया सियासी पारा

अबकी बार राजद अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने दही-चूड़ा भोज आयोजित करने का ऐलान करके सियासी पारा चढ़ा दिया है। जेजेडी अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने कहा कि 14 जनवरी को वे अपनी पार्टी की ओर से दही-चूड़ा भोज आयोजित करेंगे।

छोटे भाई को भी भेजेंगे न्योता

इस भोज के लिए में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों डिप्टी सीएम और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को भी निमंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा नेता-प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी न्योता भेजा जा सकता है। तेज प्रताप यादव की ओर से दही-चूड़ा भोज में तेजस्वी यादव को बुलाने से सियासी अटकलों का बाजार गरम हो गया है। राजनीतिक गलियारों में दोनों भाइयों (तेज प्रताप-तेजस्वी यादव) के रिश्ते पर चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि रिश्तों पर जमी बर्फ पिछल रही है और दोनों भाइयों के रिश्ते सुधर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या तेजस्वी इस भोज में शामिल होते हैं या नहीं?

पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश?

राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव हर साल मकर संक्रांति पर इस भोज का आयोजन करते रहे हैं, जिसे सामाजिक समरसता और राजनीतिक मेलजोल का प्रतीक माना जाता है। लालू यादव के इस आयोजन में सभी वर्गों और दलों के लोगों की मौजूदगी उनकी राजनीति की एक खास पहचान रही है। अब इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव मकर संक्रांति के अवसर पर चूड़ा–दही भोज का आयोजन करने जा रहे हैं। खास बात यह है कि तेज प्रताप यादव को हाल ही में पार्टी और परिवार से अलग कर दिया गया है, बावजूद इसके वे अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश दे रहे हैं।

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