बिहार के अररिया में प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। फारबिसगंज में सीनियर डिप्टी कलेक्टर रामबाबू प्रसाद पर एक चिकित्सक को थप्पड़ जड़ने का आरोप लगा है। इस घटना का वीडियो सामने आते ही जिले भर के चिकित्सकों में गुस्सा देखा जा रहा है। जिसके बाद बिहार हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन (BHSA) ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
जांच के दौरान हाथापाई की नौबत
दरअसल डीएम के निर्देश पर जिले के नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंट सेंटर और पैथोलॉजी लैब्स की जांच की जा रही है। इसी क्रम में एडीएम डॉ रामबाबू की अगुवाई वाली टीम जांच के लिए अररिया जिले के फारबिसगंज रेफरल रोड स्थित बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में पहुंची।
रामबाबू प्रसाद ने चैंबर में घुसकर दिखाई दबंगई
जहां जांच के दौरान बहस इतनी बढ़ गई कि हाथापाई की नौबत आ गई। डॉ. दीपक का आरोप है कि जांच टीम अचानक उनके चैंबर में घुसी और एप्रन न पहनने पर गाली-गलौज करने लगी। बातचीत के दौरान ही अभद्र व्यवहार शुरू हुआ और फिर ऑफिसर रामबाबू प्रसाद ने उन पर हाथ छोड़ दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई।
जांच टीम को बनाया बंधन
मारपीट से भड़के डॉक्टर के समर्थकों ने जांच टीम के सदस्यों को एक कमरे में फिर बंधक बना लिया। ये खबर मिलते ही फारबिसगंज एसडीएम अभय कुमार तिवारी, अनुमंडल निर्वाचन पदाधिकारी अविनाश कृष्ण और थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह पुलिस फोर्स लेकर वहां पहुंच गए। इसके बाद कमरे को खुलवाकर बंधक बने टीम के सदस्यों को बाहर निकलवाया।
CCTV फुटेज देख डॉक्टर्स का चढ़ा “पारा”
वहीं, रामबाबू प्रसाद ने किसी भी तरह की मारपीट से इनकार किया था, लेकिन हॉस्पिटल के CCTV फुटेज ने उनके दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हॉस्पिटल के फुटेज में दिख रहा है कि जांच टीम और डॉक्टरों के बीच न सिर्फ तीखी बहस हुई बल्कि हाथापाई भी हुई। इस दौरान ऑफिसर ने डॉक्टर को थप्पड़ मार दिया। इस फुटेज के सामने आने से डॉक्टरों का गुस्सा और बढ़ गया है।
जिले के सभी प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर
इस मामले को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और भाषा ने गंभीरता से लिया है। अररिया,पूर्णिया और सुपौल के साथ राज्य स्तर पर आईएमए और भाषा की मीटिंग भी की गई। इसक बाद शुक्रवार को अररिया जिले के सभी प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए।

