कहते हैं दिल्ली में आधा बिहार बसा है। इस साफ से साफ जाहिर है कि दिल्ली और बिहार के बीच आवाजाही भी काफी होगी। हालांकि, ट्रेन के 12 से 14 घंटे का सफर लोगों का काफी भारी पड़ता है। ऐसे में अगर ये सफर चार घंटे में पूरा हो जाए तो कैसा लगेगा? ये मजाक तो बिल्कुल नहीं है। दरअसल, आने वाले सालों में ये सपना सच होने वाला है। पटना और दिल्ली के बीच बुलेट ट्रेन का सपना अब जल्द ही पूरा होने वाला है।

पटना से कोलकाता दो घंटे में
बिहार में बुलेट ट्रेन को लेकर सर्वे का काम पूरा हो गया है। इसकी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंप दी गई है। बुलेट ट्रेन दिल्ली-हावड़ा (कोलकाता) के बीच 1,669 किमी का सफर सिर्फ साढ़े 6 घंटे में पूरा करेगी। वहीं, पटना से दिल्ली की 1,000 किमी की दूरी अब 13-14 घंटे के बजाय सिर्फ 4 घंटे में तय होगी। वहीं पटना से कोलकाता की दूरी तय करने में लगभग दो घंटे का समय लगेगा।
350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी यह ट्रेन
इस बुलेट ट्रेन की रफ्तार 350 किमी प्रति घंटा होगी। इस प्रोजेक्ट पर करीब 5 लाख करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। ट्रेन दिल्ली से लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, पटना होते हुए हावड़ा पहुंचेगी। इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण दिल्ली से वाराणसी (लखनऊ और अयोध्या के रास्ते) तक है, जिसे 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। दूसरा चरण वाराणसी से हावड़ा (पटना के रास्ते) तक होगा।
बिहार में क्या रूट?
बुलेट ट्रेन बनारस से मुगलसराय, बक्सर, पटना, किऊल, आसनसोल होते हुए हावड़ा जाएगी। पटना बिहार का एकमात्र स्टॉप होगा। इसके बाद अगला स्टॉप पश्चिम बंगाल के आसनसोल में होगा।
बिहार में अलग से नहीं बनेगा कॉरिडोर
बिहार में बुलेट ट्रेन मौजूदा पटरियों के साथ-साथ चलेगी। रेलवे ने जानकारी दी है कि बुलेट ट्रेन के लिए बिहार में अलग से कॉरिडोर नहीं बनाया जाएगा। मौजूदा रेल ट्रैक के समानांतर दो और हाई स्पीड ट्रैक बिछाए जाएंगे, जिस पर बुलेट ट्रेन चलेगी। यह ट्रैक पूरी तरह से अलग और विशेष रहेगा। इन ट्रैकों पर सामान्य गाड़ियां नहीं चलेंगी।
फुलवारी शरीफ के पास बनेगा स्टेशन
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बिहार में बुलेट ट्रेन का सिर्फ एक स्टॉपेज होगा, जो फुलवारी शरीफ के पास बनेगा। इसके लिए स्पेशल स्टेशन बनाया जाएगा। बुलेट ट्रेन पकड़ने के लिए यात्रियों को इस अलग स्टेशन पर पहुंचना होगा। पटना से रवाना होने के बाद अगला स्टॉप बंगाल के आसनसोल में होगा।

