बिहार के गांवों में भी अब शहरों की तरह चौड़ी सड़कें नजर आएंगी। ग्रामीण सड़कों को चरणबद्ध तरीके से दो लेन का बनाया जा रहा है। सात निश्चय-3 योजना के तहत राज्य की ग्रामीण सड़कों को चरणबद्ध तरीके से दो लेन में किया जाएगा। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने जानकारी दी है कि अब राज्य की ग्रामीण सड़कों को साढ़े छह फीट तक और चौड़ा किया जाएगा।

18 फीट तक चौड़ी होंगी सड़कें
ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने जानकारी दी है कि अब राज्य की ग्रामीण सड़कों को साढ़े छह फीट तक और चौड़ा किया जाएगा. वर्तमान में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी अधिकांश सड़कें 3.75 मीटर (लगभग 13.5 फीट) चौड़ी हैं। नई योजना के तहत इन सड़कों का चौड़ीकरण कर इन्हें 5.5 मीटर (18 फीट) किया जाएगा। सड़कों के चौड़ा होने से न केवल ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलेगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और परिवहन में भी तेजी आएगी।
सात निश्चय-3 योजना के तहत चौड़ीकरण
मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि सात निश्चय-3 योजना के तहत राज्य की ग्रामीण सड़कों को चरणबद्ध तरीके से दो लेन में किया जाएगा। इसके तहत उन सड़कों को चिन्हित किया जा रहा है जो प्रखंड, अनुमंडल और जिला मुख्यालयों को राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ती हैं। इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दो लेन में बदला जाएगा।
31 मार्च तक ऐप के जरिए सर्वे
ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, 31 मार्च तक ऐप के जरिए सर्वे करने के लिए अभियंताओं के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। 30 जून तक सड़कों के सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा। सर्वे में यह देखा जाएगा कि सड़क के दोनों ओर सरकारी जमीन उपलब्ध है या नहीं।
20 सालों में 1 लाख 20 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण
अशोक चौधरी ने बताया कि पिछले 20 वर्षों में बिहार ने ग्रामीण सड़क निर्माण में नया कीर्तिमान बनाया है। पिछले 20 सालों में बिहार की एक लाख 20 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण इस विभाग द्वारा किया गया है। कुल एक लाख, 19 हजार, 915 किमी पक्की बारहमासी सड़कों और 2750 पुलों के नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। इसे हमेशा व्यवस्थित रखने के लिए सात साल की मेंटेनेंस पॉलिसी को भी शामिल किया गया है।

