राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव बिहार चुनाव हार के बाद यूरोप दौरे पर थे। वे परिवार के साथ समय बिताने के बाद वतन वापस लौट चुके हैं। लगभग एक महीने तक विदेश दौरे पर रहने के बाद तेजस्वी यादव भारत लौट आए हैं। रविवार को दिल्ली पहुंचने के बाद सोमवार की देर रात उन्होंने पंडारा पार्क स्थित मीसा भारती के सरकारी आवास पर पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की।

विदेश से वापसी के साथ ही उनकी राजनीतिक सक्रियता ने संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में बिहार की सियासत नए मोड़ लेने वाली है। रविवार रात दिल्ली पहुंचते ही तेजस्वी यादव ने सोमवार देर रात पंडारा पार्क स्थित आवास पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और राज्यसभा सदस्य मीसा भारती भी मौजूद रहीं।
क्या ये एक पारिवारिक भेंट मात्र थी ?
तेजस्वी की इस मुलाकात को महज एक पारिवारिक भेंट नहीं माना जा रहा है। यह मुलाकात पारिवारिक होने के साथ-साथ पूरी तरह राजनीतिक भी थी। सूत्रों के मुताबिक, लालू और तेजस्वी के बीच घंटों चली इस बैठक में बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और राजद के भविष्य के रोडमैप पर गंभीर चर्चा हुई। चुनाव परिणामों के बाद पार्टी को फिर से संगठित करने और विपक्ष के रूप में सरकार को घेरने की योजना पर विस्तार से बात की गई।
कौन-सी रणनीति के साथ मैदान में उतरेंगे तेजस्वी?
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब बिहार में नेतृत्व, विपक्ष की रणनीति और भविष्य की राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। चुनाव के बाद बदले सियासी हालात में यह मुलाकात आने वाले राजनीतिक फैसलों की भूमिका बन सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि तेजस्वी यादव आगे कौन-सी रणनीति के साथ मैदान में उतरते हैं।
भाजपा और जदयू के निशाने पर थे तेजस्वी
दरअसल, तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति के दौरान भाजपा और जदयू ने उन पर जमकर निशाना साधा था। सत्ताधारी दलों ने इसे “हार के बाद भागने वाला व्यवहार” करार दिया था। हालांकि, भारत लौटते ही लालू यादव के साथ उनकी सक्रियता ने विरोधियों को संकेत दे दिया है।

