बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर बयानबजियों का दौर जारी है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और लोजपा (आर) सुप्रीमो चिराग पासवान ने महागठबंधन पर हमला बोला है। उन्होंने महागठबंधन में एकता की कमी का दावा किया। चिराग ने महागठबंधन में सीट बंटवारे पर असहमति और आंतरिक मतभेदों को उनकी “गंभीरता की कमी” बताया। उन्होंने दावा किया कि एनडीए 14 नवंबर को बिहार में सरकार बनाएगी और अगले पांच वर्षों में राज्य के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बुधवार को महागठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गठबंधन (महागठबंधन) में इन दिनों इतना कुछ चल रहा है और राहुल गांधी कहां हैं? क्या राहुल जी और तेजस्वी यादव की नैतिक जिम्मेदारी नहीं थी कि वे साथ बैठकर गठबंधन की अड़चनों को दूर करते?
पांच पार्टियों को साथ नहीं रख सकते, बिहार को कैसे एकजुट रखेंगे-चिराग
चिराग ने कहा कि 14 नवंबर के बाद बिहार में एनडीए सरकार बनेगी और लोगों ने समझ लिया है कि अगर महागठबंधन पांच पार्टियों को एक साथ नहीं रख सकता, तो वह बिहार को कैसे एकजुट रख पाएगा। चिराग पासवान ने कहा, जो लोग गठबंधन को संभाल नहीं सकते, वे किस दुनिया में जी रहे हैं, यह सोचने वाली बात है। आज भी दूसरी चरण की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे ऐसे बयान दे रहे हैं ताकि गठबंधन की अव्यवस्था या विफलता को छुपाया जा सके।
राहुल गांधी की गंभीरता पर उठाया सवाल
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि गठबंधन का कहना है कि हम जब सरकार में आएंगे तो ये करेंगे, वो करेंगे लेकिन आप आएंगे कैसे? भारत के राजनीतिक इतिहास में हमने आज तक ऐसा गठबंधन नहीं देखा, जहां घटक दल एक दूसरे के सामने है। दूसरे चरण का नामांकन हो चुका है। अब भी नहीं पता कि कौन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ रहा, नहीं लड़ रहा है। राहुल गांधी आए और लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया लेकिन अभी राहुल गांधी कहां हैं। साफ-साफ दिख रहा है कि कांग्रेस बिहार को लेकर गंभीर नहीं है।

