बिहार इन दिनों भीषण सर्दी की चपेट में है। राज्य के लगभग सभी जिलों में सुबह से लेकर दिनभर घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी और उत्तर-पश्चिम से आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक ठंड का असर इसी तरह बना रहेगा। यानी राहत के आसार फिलहाल नहीं हैं।

सामान्य से अधिक दिनों तक कोल्ड डे की स्थिति
बिहार में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। पूरे बिहार में हाड़ कंपाने वाली ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। दिसंबर महीने में भी सामान्य से कहीं अधिक दिनों तक कोल्ड डे की स्थिति देखने को मिली। इसके बाद जनवरी में भी मौसम का मिजाज बदला नहीं है। लंबे समय बाद प्रदेश में इतनी लंबी और लगातार सर्दी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के संकेतों के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी लोगों को ठंड से बड़ी राहत मिलने के आसार कम हैं।
तापमान गिरकर पांच डिग्री तक पहुंचा
भागलपुर, गया, नालंदा, सीवान, समस्तीपुर समेत कई जिलों में तेजी से पारा गिरा है। इन जिलों का तापमान गिरकर पांच डिग्री तक पहुंच गया। भागलपुर के सबौर का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। आज सुबह पटना, पूर्णिया समेत कुछ जिलों में धूप जरूर निकली लेकिन सर्द हवा के कारण लोग धूप में निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इधर, पश्चिम चंपारण, गया समेत कुछ जिले घने कोहरे की चादर में लिपट चुके हैं।
10 जनवरी तक कोल्ड डे की स्थिति
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सहरसा और गया समेत कई जिलों में 10 जनवरी तक कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रह सकती है। दिन के तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा सकती है। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है।
इन जिलों में घने कोहरे का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गया, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, गया, मधुबनी में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में आज सुबह कोहरे का असर भी देखने को मिला। सबसे कम दृश्यता गया में 100 मीटर दर्ज की गई। सुबह के समय कई इलाकों में घने कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित रहा।
चार दशक बाद इतनी लंबी और तीखी सर्दी
उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है, जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों में दिखाई दे रहा है। ठंडी पछुआ हवाओं ने बिहार में सर्दी को और तीखा बना दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में करीब चार दशक बाद इतनी लंबी और तीखी सर्दी देखी जा रही है, जिससे 15 जनवरी से पहले बड़ी राहत मिलने की संभावना नहीं है।

