डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानीपड़ा गांव में पिछले आठ दिनों से चर्चा का विषय बने दो विशाल संदिग्ध बमों को निष्क्रिय करने का अभियान भारतीय सेना ने आज से शुरू कर दिया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने नदी तट के एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया है।

अभियान की मुख्य बातें:
सघन घेराबंदी: सेना ने पूरे क्षेत्र में मोर्चा संभाल लिया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है।
ड्रोन से निगरानी: बमों की संवेदनशीलता और इलाके की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ड्रोन के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
कहां मिले बम: एक विशाल लाइव बम स्वर्णरेखा नदी के किनारे मिला था, जबकि दूसरा पास के ही एक गांव में घर के पास जमीन के नीचे दबा हुआ पाया गया।
तैयारी जोरों पर: दोनों बमों को निष्क्रिय करने के लिए नदी किनारे गहरे गड्ढे खोदे गए हैं। सेना के विशेषज्ञ अधिकारी इन्हें सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
प्रशासनिक सतर्कता: मौके पर सुबह से ही पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारी डटे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, आज सभी तकनीकी तैयारियां पूरी की जा रही हैं और संभावना है कि कल इन बमों को धमाके के साथ सुरक्षित रूप से नष्ट किया जाएगा। हालांकि, आधिकारिक तौर पर समय की पुष्टि अभी नहीं की गई है।
इलाके में दहशत और कौतूहल
पिछले सात दिनों से बम मिलने की खबर के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भय का माहौल था। सेना की उपस्थिति के बाद अब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन एक किलोमीटर के दायरे को सील किए जाने से स्वर्णरेखा तट पर आवाजाही पूरी तरह ठप है।

